नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के लोधी रोड स्थित बीके दत्त कॉलोनी में भीषण हादसा हो गया। दरअसल, बी-ब्लॉक में चावला स्वीट्स के सामने स्थित रिहायशी मकान की तीसरी मंजिल पर अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने घर को चपेट में ले लिया। इस हादसे में घर के अंदर फंसी एक महिला और उसकी 2 मासूम बेटियों की झुलसने और दम घुटने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में 45 साल की एक महिला और उसकी 2 बेटियां शामिल हैं, जिनकी उम्र करीब 7 साल और 13 साल बताई जा रही है। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
मिली जानकारी के मुताबिक, घटना की शुरुआत उस समय हुई जब पुलिस कंट्रोल रूम पर एक महिला का घबराया हुआ फोन आया। महिला ने कांपती आवाज में कहा कि घर में आग लगी है, हम अंदर फंस गए हैं, जल्दी मदद के लिए कर्मी भेजिए। इसके कुछ ही पल बाद उसकी आवाज धीमी पड़ गई और फोन कट गया। इस कॉल के बाद पुलिस और दमकल विभाग तुरंत हरकत में आ गया। दमकल विभाग की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फायर अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली फायर सर्विस को सुबह करीब 10:21 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही एक वाटर टेंडर, एक वाटर बाउज़र और एक ब्रीदिंग फायर टेंडर और 3 एंबुलेंस को मौके पर भेजा गया।
जब तक राहत और बचाव का काम शुरू हुआ, तब तक आग पूरी तरह से घर में फैल चुकी थी। इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल से धुएं का गहरा गुबार निकल रहा था और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद घर का बंद दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। कमरे के भीतर महिला और उसकी दोनों बेटियां बुरी तरह झुलसी हुई हालत में मिलीं। तीनों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिल सका।
फायर ब्रिगेड ने कुछ देर की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। इसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके की जांच शुरू की। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल इस घटना की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
