गाजियाबादः उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शुक्रवार देर रात पुलिस चौकी के अंदर जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया। विस्फोट इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के वसुंधरा स्थित पुलिस चौकी में हुआ। धमाका इतना तेज था कि चौकी की खिड़कियों के शीशे टूट गए और दीवारों में दरारें आ गईं। घटना में कांच के टुकड़े लगने से एक डिलीवरी बॉय घायल हो गया। धमाके के समय चौकी में एक सब-इंस्पेक्टर भी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर एक आतंकी संगठन तहरीक-उल-मुजाहिदीन की ओर से धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। हालांकि पुलिस इस पोस्ट की सत्यता की जांच कर रही है और फिलहाल विस्फोट के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है।
धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना के समय वसुंधरा पुलिस चौकी में एक सब-इंस्पेक्टर मौजूद थे। इसी दौरान एक डिलीवरी बॉय सामान पहुंचाने के लिए वहां आया था। अचानक विस्फोट से चौकी के शीशे टूट गए और उनके टुकड़े लगने से डिलीवरी बॉय घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की गंभीरता को देखते उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की टीम भी जांच के लिए पहुंची। टीम ने इंदिरापुरम थाने में पहुंचकर मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई। पुलिस चौकी के भीतर धमाका होने और सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन की ओर से जिम्मेदारी लेने के दावे के बाद सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही हैं।
इंदिरापुरम के एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि धमाका किस वजह से हुआ, इसकी वास्तविक जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस हर संभावित पहलू की पड़ताल कर रही है।
धमाके के बाद सोशल मीडिया पर तहरीक-उल-मुजाहिदीन नामक संगठन द्वारा इसकी जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पुलिस इस पोस्ट की प्रामाणिकता और इसके पीछे की सच्चाई का पता लगा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट किसी सामान्य वस्तु में तकनीकी खराबी के कारण हुआ या इसके पीछे कोई आपराधिक अथवा अन्य साजिश थी। जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर विस्फोट के वास्तविक स्वरूप और कारणों का पता लगाने में जुटी है।
