ओडिशा: जिलें में एक ऐसी घटना घटी जो सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हो रही है। क्योंझर जिले के पाटणा इलाके में उस समय सनसनी फैल गई। जब एक शख्स अपने कंधे पर बहन का कंकाल लादे 3 KM घनी धूप में चलकर बैंक पहुंच गया जहां कंकाल देख सब के होश उड़ गए। मगर सवाल है की शख्स ने ऐसा किया क्यों ? आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी ने उससे ये करवा दिया।
ये पूरा मामला बैंक खाते में पड़े पैसे को निकलवाने से जुड़ा हुआ है। बता दें कि आदिवासी जीतू मुंडा अपनी बड़ी बहन कालरा मुंडा के मृत्यु के बाद उसके बैंक में पड़े 19300 रुपय पैसे निकलवाने जब बैंक पहुंचा, तो बैंक कर्मियों ने उसे उसकी बहन साथ लाने को कह दिया। जीतू ने कई बार बताया कि उसकी बहन की मृत्यु हो गई है मगर बैंक वालों ने एक ना सुनी। बैंक मैनेजर ने पैसे देने से इंकार कर दिया और मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा। जीतू ने कई बार समझाने की कोशिश की और आखिर में परेशान होकर उसने ये कदम उठा लिया।
‘मेरी बहन को देखो और उसके खाते के पैसे दे दो’
कई बार समझाने के बाद जीतू ने अजीबोगरीब रास्ता अपनाया और अपनी बहन के कब्र पर पहुँच गया। उसने अपने बहन की कब्र खोद कर ककाल निकाल लिया और 3 किलोमीटर का सफर तय कर बैंक पहुंच गया। उसने बैंक वालो से कहा – ‘ये देखो मेरी बहन और अब पैसे दे दो’। कंकाल देखने के बाद बैंक में दहशत फैल गई, सब हके बके रह गए जिसके बाद तुरंत बैंक का गेट बंद कर दिया गया और मौके पर पुलिस को बुलाया गया।
मौके पर पहुंची पुलिस
इस घटना के बाद पाटणा पुलिस ठाणे के प्रभारी मौके पर पहुंचे और माहौल को संभाला गया। पुलिस वालों ने जीतू को समझाया जिसके बाद कंकाल को वापिस उनके गांव ले जाकर उसकी कब्र में दफनाया। इस पूरे मामले में बैंक मैनेजर पर सवाल उठ रहे है, जिसने मृत बहन को साथ लाने को कहा इसकी वजह से हालत बिगड़े। फिलहाल बैंक अधिकारी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है।
दो महीने पहले हुई बहन की मृत्यु
जानकारी के मुताबिक, 50 वर्षीय जीतू दियानली गांव का निवासी है। उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा की दो महीने पहले 26 जनवरी 2026 को मृत्यु हो गई थी। जीतू एक गरीब आदिवासी है और उसको पैसों की जरुरत थी। इसी कारण वो बैंक में मौजूद अपनी बड़ी बहन के पैसे लेने पहुंचा। मगर कई बार मैनेजर के द्वारा इंकार करने पर, हताश हो कर उसने वो कर दिया, जिसे देख सब दंग रह गए।
आपको बता दें कि जीतू एक अनपढ़ आदिवासी व्यक्ति है, जिसको कानून, बैंक नॉमिनी क्या होता है ? इसके बारे में जानकारी नहीं है। वहीं बैंक अधिकारी भी ये समझाने में असफल रहे कि किसी व्यक्ति के मृत्यु के बाद बैंक से पैसे निकलवाने की प्रक्रिया क्या होती है। इसी कारण स्थिति बिगड़ी और ये हालत बने। फिलहाल व्यक्ति ने पुलिस के समझाने के बाद कंकाल को वापिस दफना दिया है और ये आश्वासन दिया है कि लाभार्थी को जल्द से जल्द पैसे दिलवाने की व्यवस्था की जाएगी।
