अयोध्याः मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या आज अपने 10वें भव्य दीपोत्सव पर एक बार फिर नया विश्व कीर्तिमान रचने जा रही है। राम की पैड़ी सहित सरयू तट के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये पूरी तरह सजाए जा चुके हैं।
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवकों ने तीन दिनों के अनवरत परिश्रम और अनुशासन के बाद दीप सज्जा का विशाल कार्य पूरा किया है। आज शाम ढलते ही उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी मौजूदगी में इन 30 लाख दीपों को एक साथ प्रज्ज्वलित किया जाएगा। यह पहला अवसर है जब देश के उपराष्ट्रपति अयोध्या के इस दीपोत्सव महापर्व के प्रत्यक्ष साक्षी बनेंगे।
पुष्पक विमान के प्रतीक हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे प्रभु राम, त्रेतायुग के प्रसंग होंगे जीवंत
अवधपुरी आज त्रेतायुग के उस पावन क्षण को साकार करने जा रही है, जब चौदह वर्षों का वनवास पूरा कर प्रभु श्रीराम माता सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। दोपहर के समय पुष्पक विमान के प्रतीक स्वरूप विशेष हेलीकॉप्टर से प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण का स्वरूप अयोध्या पहुंचेगा। राज्यपाल और मुख्यमंत्री संतों व मंत्रियों के साथ उनकी अगवानी करेंगे। इसके पश्चात भरत मिलाप का मार्मिक प्रसंग साकार होगा और पुष्पवर्षा के बीच शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंचेगी।
महर्षि वशिष्ठ द्वारा किए प्रथम राजतिलक की परंपरा के अनुरूप उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम का राजतिलक कर राज्याभिषेक करेंगे। इससे पूर्व साकेत महाविद्यालय से भव्य रामराज्याभिषेक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें 2500 कलाकारों ने रथों, झांकियों और घुड़सवारों के साथ त्रेतायुगीन वैभव को प्रदर्शित किया।
राम जन्मभूमि परिसर में जलेंगे एक लाख दीप, फसाड लाइट से रोशन होगा राम मंदिर
भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद राम जन्मभूमि परिसर में भी दीपोत्सव का उल्लास चरम पर है। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि के अनुसार, पूरे जन्मभूमि परिसर को पांच अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर 1500 मंदिर कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंदिर परिसर में एक लाख दीप जलाए जाएंगे, जो शनिवार के साथ-साथ दीपावली के दिन रविवार को भी रोशन रहेंगे। मुख्य राम मंदिर के साथ परिसर में स्थित सभी 18 उप-मंदिरों को भी दीयों से सजाया गया है। राम मंदिर को विशेष फसाड लाइटों से अलौकिक रूप दिया गया है और इस अवसर पर रामलला को छप्पन भोग व विशेष प्रसाद अर्पित किया जाएगा।
नव भारत की नई अयोध्या थीम पर आधारित इस दीपोत्सव में आधुनिक तकनीक और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मुख्य धर्मपथ पर राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रवेश द्वार तक 12-12 फीट ऊंचे 50 डिजिटल स्तंभ स्थापित किए गए हैं, जिन पर रामायण कालीन प्रसंगों का डिजिटल प्रकाश शो निरंतर प्रदर्शित हो रहा है। इसके अलावा 17 अलग-अलग सांस्कृतिक मंचों पर देश-विदेश के कलाकार प्रस्तुतियां दे रहे हैं और तीन देशों की रामलीला का मंचन किया जा रहा है। शाम को सरयू तट पर 2147 श्रद्धालु एक साथ महाआरती करेंगे। वहीं राम की पैड़ी पर भव्य लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग और 2100 ड्रोन्स के विशाल शो के साथ इको-फ्रेंडली ग्रीन आतिशबाजी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी।
सरयू के पावन घाटों पर दीयों और बहुरंगी रंगोलियों से बनाई रामायण की कलात्मक आकृतियों को देखने के लिए देश ही नहीं, बल्कि अर्जेंटीना सहित दुनिया भर से विदेशी सैलानी अयोध्या पहुंचे हैं। पूरे शहर में चौबीसों घंटे गूंजती रामधुन से माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। दीपोत्सव में शामिल होने वाले विशिष्ट अतिथियों और वीवीआईपी मेहमानों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थलों तक 80 गोल्फकार्ट, 10 ट्रैवलर और 20 लग्जरी एसी बसें तैनात की गई हैं। वहीं सुरक्षा और सावधानी को ध्यान में रखते हुए घाटों पर तैनात सभी स्वयंसेवकों को सूती वस्त्र पहनने, सिंथेटिक कपड़ों से दूर रहने और ज्वलनशील पदार्थों से सतर्क रहने के कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं।
