ओमानः ओमान के तट पर अमेरिका सेना द्वारा तेल टैंकर पर मिसाइल हमले के बाद ऑडियो क्लिप वायरल हो रही है। जिसमें क्रू मेंबर मिसाइल हमले की जानकारी दे रहे है और मदद की भी गुहार लगा रहे है। जानकारी के अनुसार जहाज में 24 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद थे। यह घटना ईरान पर लगे अमेरिकी ब्लॉकैड को तोड़ने के कथित प्रयास के बाद हुई है। एमटी मारिवेक्स (MT Marivex) नामक इस जहाज पर आग लगने, पानी भरने और उसके डूबने की आशंका के बीच एक नाविक ने तत्काल मदद की गुहार लगाई।
क्रू मेंबर ने SOS संदेश में कहा कि सर, यह मोटर टैंकर मारिवेक्स है… जहाज पर आग लग गई है और यह डूब रहा है। अमेरिकी नौसेना का हमला, हमारे इंजन रूम पर मिसाइल लगी है। नीचे एक छेद हो गया है। जहाज पर आग लगी है, कृपया मदद करें। प्लीज हेल्प, प्लीज हेल्प। क्रू मेंबर ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि जहाज पर मौजूद सभी 24 नाविक भारतीय नागरिक हैं।
भारतीय समुद्री संघों को सोमवार को हुए इस हमले के तुरंत बाद यह कॉल मिली थी। इसके बाद भारतीय अधिकारियों को अलर्ट किया और जहाज से उठते धुएं का वीडियो साझा किया गया। ये हमला मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव और इस साल की शुरुआत में ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किए जाने के बाद, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की सैन्य नाकेबंदी का हिस्सा है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि अमेरिकी बलों ने पलाउ (Palau) के झंडे वाले इस टैंकर को तब निष्क्रिय कर दिया, जब वह एक ईरानी बंदरगाह की ओर जाने की कोशिश कर रहा था।
यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, यूएसएस अब्राहम लिंकन से उड़ान भरने वाले एक F/A-18 सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट ने जहाज के इंजीनियरिंग और स्टीयरिंग हिस्सों पर ‘प्रिसिजन म्यूनिशन’ दागा। अमेरिकी सेना का दावा है कि जहाज ने नाकेबंदी तोड़ने की चार बार कोशिश की थी और अमेरिकी नौसेना की चेतावनियों के बाद तीन बार वापस मुड़ गया था। हालांकि, हमले के वक्त जहाज पर कोई कार्गो नहीं था।
SOS कॉल मिलने के बाद, मुंबई में भारत के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (MRCC) ने ओमान के समुद्री बचाव अधिकारियों के साथ मिलकर तत्काल ऑपरेशन शुरू किया। ओमान की रॉयल एयर फोर्स ने मसिरा द्वीप से एक हेलीकॉप्टर भेजा और सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि सभी नाविकों को मसिरा द्वीप पर सुरक्षित लाया गया है। रक्षा मंत्रालय ने इसे समुद्री आपात स्थिति में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण बताया है।
