अमृतसरः रेलवे स्टेशन के बाहर कुछ जीआरपी कर्मचारियों पर रिश्वत लेने का आरोप लगाने वाले एक युवक के बाद ये मामला चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हो रहे हैं; एक सीसीटीवी फुटेज है, जबकि दूसरा वीडियो खुद आरोप लगाने वाले युवक ने बनाया है। वायरल वीडियो को लेकर जीआरपी पुलिस कर्मियों ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है।
जीआरपी पुलिस स्टेशन के हेड कॉन्स्टेबल लव कुमार ने कहा कि जिस वीडियो में उनका नाम लिया जा रहा है, उसमें वे सिर्फ कुर्सी पर बैठे हुए दिख रहे हैं। वीडियो में कहीं भी वे किसी से पैसे लेते या कोई गलत काम करते नहीं दिख रहे हैं। लव कुमार ने कहा कि अगर जांच में वे दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन अगर आरोप झूठे साबित होते हैं, तो वे आरोप लगाने वाले व्यक्ति के खिलाफ मानहानि और कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो के कारण उनकी सामाजिक छवि खराब हुई है और रिश्तेदार और परिचित भी उनसे सवाल पूछ रहे हैं।
वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार रेलवे स्टेशन क्षेत्र में नियमित जांच करते हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जांच करना पुलिस की जिम्मेदारी है और वे ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाते रहेंगे। इस मौके पर जीआरपी के एएसआई अजमेर सिंह ने भी आरोपों से इनकार किया और कहा कि वे और उनके साथी ड्यूटी के दौरान सुरक्षा जांच में व्यस्त थे।
उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने और न ही उनके किसी साथी ने किसी व्यक्ति से कोई पैसा लिया है। उनके अनुसार सोशल मीडिया पर फैली जानकारी के कारण उनकी और उनके साथियों की छवि खराब हुई है। अजमेर सिंह ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और उन्हें भरोसा है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने मांग की कि अगर आरोप झूठे साबित होते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
