नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बन रही जंग की स्थिति और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अनिश्चिता के बाद दुनिया एनर्जी संकट से जूझ रही है। मौजूदा समय में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर जारी है लेकिन होर्मुज के रास्ते कब तेल सामान्य तरीके से दुनिया को सप्लाई होने लगेगी। इस पर कोई जवाब नहीं है। इस बीच अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी ने मंगलवार को चेतावनी दी है। अगस्त महीने में तेल के दाम आसमान छूने वाले हैं।
न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, एडीएनओसी के एक बड़े अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि ईरान युद्ध के कारण तेल की सप्लाई में आ रही रुकावट जारी रहती है। दुनिया भर में तेल की मांग बढ़ती है तो अगस्त महीने से तेल के दाम अचानक बहुत ज्यादा बढ़ सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के फिर से खुलने के बाद भी एनर्जी सप्लाई चेन को पूरी तरह से ठीक होने में एक साल तक का समय लग सकता है।
ADNOC के सेल्स और ट्रेडिंग के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, फिलिप खूरी ने कहा कि जब तक शांति को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी। तब तक इस होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकर का आना-जाना पूरी तरह शुरु नहीं होगा। इस रास्ते से पहले के मुकाबले कम ही तेल आ पाएगा। इसका मतलब ये है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो पेट्रोल-डीजल के दाम आस-मान छू सकते हैं।
कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है सीजफायर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा है कि ईरान के साथ तेज गति से बातचीत जारी है। तेहरान की ओर से नए सिरे से हमले किए जाने से सीजफायर कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है हालांकि इसी बीच ट्रंप ने ट्रूथ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि – ईरान के साथ बातचीत गति से जारी है। ईरान और अमेरिका के बीच नाम मात्र का सीजफायर ऐसे जवाबी हमलों और पलटवारों से बार-बार परखा जा रहा है जबकि दोनों देशों के अधिकारी युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि वो समझौता होने के कितने करीब है और हमले से इन वार्ताओं के पटरी से उतरने का खतरा भी है।
