चंडीगढ़, 25 फरवरी 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कथित रूप से कहा कि यदि उनकी सरकार बनी तो पहली कैबिनेट बैठक में नशा तस्करों और गैंगस्टरों को “आतंकवादी” घोषित किया जाएगा।
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान AAP के राज्य मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने इस बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब के पिछले दशक के राजनीतिक दौर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
नशा और कानून-व्यवस्था पर राजनीतिक बहस
पन्नू ने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 के बीच, जब अकाली दल-भाजपा गठबंधन सत्ता में था, राज्य में नशे और संगठित अपराध को लेकर गंभीर चिंताएं उभरीं। हालांकि, पूर्ववर्ती सरकार के नेताओं ने समय-समय पर इन आरोपों से इनकार किया है।
पंजाब में नशा तस्करी और कानून-व्यवस्था का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक विमर्श का प्रमुख विषय रहा है।
पूर्व घटनाओं का उल्लेख
प्रेस वार्ता के दौरान पन्नू ने नाभा जेल ब्रेक और अन्य चर्चित कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों का जिक्र किया, जो उस समय व्यापक चर्चा में रहे। इन मामलों में विभिन्न स्तरों पर जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी रही है।
उन्होंने बेअदबी से जुड़े मामलों और फायरिंग घटनाओं का भी उल्लेख किया, जो न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं।
मौजूदा सरकार की नशा विरोधी पहल
पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में वर्तमान सरकार राज्यभर में संरचित नशा विरोधी अभियान चला रही है।
उनके अनुसार गांव स्तर पर समितियां गठित की गई हैं और कानून प्रवर्तन एजेंसियां नशीले पदार्थों तथा संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए दीर्घकालिक नीति, संस्थागत समन्वय और सामाजिक भागीदारी आवश्यक है।
यह बयानबाजी पंजाब में नशा नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और शासन की जवाबदेही को लेकर चल रही राजनीतिक बहस का नया चरण दर्शाती है। राज्य में जन सुरक्षा और नशा उन्मूलन का मुद्दा अभी भी प्रमुख सार्वजनिक विषय बना हुआ है।