नई दिल्ली: कतर के रास लाफान के एक प्रमुख नैचुरल गैस एक्सपोर्ट टर्मिनल में रविवार रात को तेज धमाका हुआ है। हादसा तब हुआ जब ईरान के हमले के बाद यहां कर्मचारियों की ओर से टर्मिनल को दोबारा से शुरु करने की कोशिश की जा रही थी। तेज धमाके के चलते के चलते वहां भीषण आग लग गई है जिसमें करीब 54 लोगों के घायल होने की खबर है जबकि 18 लोग कई घंटों बाद तक लापता था। फिलहाल राहत बचाव टीमें मौके पर लगातार काम कर रही है।
कतर गृह मंत्रालय ने दी जानकारी
कतर की सरकार कंपनी कतरएनजी के अनुसार एक्सपोर्ट टर्मिनल में काम के दौरान रविवार रात बरजान गैस सप्लाई प्लांट में एक बड़ा धमाका हुआ और आग लग गई है। टर्मिनल हुए धमाके के चलते होने वाले नुकसान की अब तक कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ पाई है हालांकि अधिकारियों ने पहले कहा था कि कुछ लोग घायल हुए हैं लेकिन कतर के गृह मंत्रालय ने बाद में हादसे में घायलों होने वालों का आंकड़ा जारी किया है।
The total number of injured persons in the incident that occurred at a factory in Ras Laffan Industrial City has reached (54). The Qatar International Search and Rescue Group of the Internal Security Force (Lekhwiya), in cooperation with Civil Defence teams, is conducting search…
— Ministry of Interior – Qatar (@MOI_QatarEn) June 22, 2026
कतर दुनिया के टॉप नैचुरल गैस उत्पादकों में से एक है। ऐसे में यहां के इंडस्ट्रियल एरिया में हुए इस बड़े धमाके का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। उधर ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के चलते कतर अपने सप्लायर को गैस की आपूर्ति नहीं कर पा रहा था जिसके चलते कतर ने अपने उत्पादन बंद कर दिया था।
ईरान के हमलों के बाद कतर ने रोका था गैस प्रोडक्शन
अधिकारियों के अनुसार, मार्च में एक ईरानी मिसाइल रास लफ्फान से टकराई थी जिससे वहां भीषण आग लग गई थी और बड़ा नुकसान हुआ था। ईरान के लगातार हमलों के चलते कतर ने वहां पहले ही गैस का उत्पादन रोक दिया था। अब यूएस-ईरान के बीच बातचीत और होर्मुज में ढील देने के चलते पश्चिमी एशिया के हालात सुधरने की संभावनाओं के बीच कतर ने दोबार से अपने एक्सपोर्ट टर्मिनल को शुरु करने पर काम शुरु किया था। इसी दौरान यह बड़ा हादसा हो गया है।
बरजान प्लांट क्यों अहम
कतर के लिए बरजान प्लांट बहुत अहम है। इसकी अहम रोजाना लगभग 1.4 अरब स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट गैस बेचने की थी। कतर इस गैस का इस्तेमाल मुख्य तौर पर अपने देश में बिजली बनाने और रेगिस्तानी इलाकों में पानी को साफ करने वाले जरुरी प्लांट चलाने के लिए करता था। इस प्लांट का लगभग पूरा हिस्सा कतर का है जबकि एक छोटा सा हिस्सा अमेरिकी तेल कंपनी के पास है।
