कोच्चिः दिल्ली के जंतर-मंतर पर तीखे विरोध और शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अब दक्षिण भारत की ओर रुख किया है। चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को रद्द करने और मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने के विरोध में पार्टी आज केरल के तटीय शहर कोच्चि में एक विशाल विरोध मार्च निकालने जा रही है। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस आंदोलन को जंतर-मंतर एट कोच्चि का नाम दिया है। यह विरोध मार्च शाम 4 बजे शहर के ऐतिहासिक राजेंद्र मैदान से शुरू होगा।
राजधानी दिल्ली के बाद दक्षिण भारत में CJP के इस पहले बड़े शक्ति प्रदर्शन में कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हो रही हैं। प्रख्यात अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज युवाओं की आवाज बुलंद करने के लिए इस मार्च में विशेष रूप से शिरकत करेंगे। इस प्रदर्शन का नेतृत्व CJP के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके, राष्ट्रीय नेता आफरीन नवाज और दक्षिण भारत प्रभारी विजय रेड्डी मल्लांगी करेंगे। पार्टी का मानना है कि इस मार्च के जरिए दक्षिण भारत के राज्यों में युवाओं को जोड़कर एक मजबूत राजनीतिक व सामाजिक आधार तैयार किया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया के विरोध में प्रदर्शन के दौरान CJP के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रंका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को प्रस्तावित तिरंगा मार्च से ठीक पहले खुद अभिजीत दिपके को भी हिरासत में लिया गया था, जिससे आंदोलन को कुछ समय के लिए झटका लगा था। हालांकि, अब पार्टी ने अपनी रणनीति बदलते वोट चोरी और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ सीधे राज्यों के स्तर पर जाकर जनाधार जुटाने की मुहिम शुरू कर दी है।
गठन के बाद से लगातार सुर्खियों में रही CJP, NEET से लेकर SIR तक उठाए मुद्दे
मई में अपने गठन के बाद से ही कॉकरोच जनता पार्टी विभिन्न छात्र और जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार आंदोलनरत रही है। पार्टी ने अपना पहला बड़ा प्रदर्शन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ शुरू किया था। इसके बाद अगस्त महीने में पार्टी ने देश भर में सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षकों की कमी के खिलाफ स्कूल ठीक करो अभियान चलाया था। सितंबर के अंत से पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची पुनरीक्षण को अपना मुख्य मुद्दा बना लिया है।
दशहरे के दौरान शीर्ष नेताओं की न्यायिक हिरासत के चलते अभिजीत दिपके ने कार्यकर्ताओं को कुछ समय के लिए त्योहारों में परिवार के साथ रहने का भावुक संदेश दिया था, जिसे आंदोलन पर अस्थायी विराम माना जा रहा था। अब कोच्चि से नए सिरे से आंदोलन की शुरुआत कर पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह चुनावी सुधारों की मांग पर पीछे हटने को तैयार नहीं है।
