नई दिल्ली: मद्रास हाई कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास की पहचान और बैकग्राउंड की जांच की मांग करने वाली याचिका को लेकर नोटिस जारी किया है। इस जांच की मांग में उनके पेरेंट्स के बारे में जानकारी देना भी शामिल है। यदि सौरव दास के खिलाफ किसी भी तरह के आरोप साबित होंगे तो उनके पासपोर्ट और आधार कार्ड को रद्द करने की मांग की गई है।
ऐसे में सौरव दास के खिलाफ उठी जांच की मांग पर अब सीजेपी के लीडर आशुतोष रांका ने प्रतिक्रिया दे दी है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है। इस पोस्ट में आशुतोष ने लिखा कि – ‘यहां से जो भी हो रहा है वो शर्मनाक पल है। किसी को सिर्फ इसलिए परेशान करना क्योंकि आपको उसका काम पसंद नहीं आ रहा है। हम आखिर कब तक यह चीजें बर्दाश्त करते रहेंगे?’
What’s happening here is a moment of collective shame.
Hounding someone just because you can’t stand their work – to what extent are we going to tolerate all of this?
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) October 30, 2026
याचिका में लगे आरोप
कांचीपुरम जिले के गणेश कुमार ने सौरव दास के खिलाफ याचिका दायर की है। उनका कहना है कि सौरव दास की पृष्ठिभूमि और उनके पहले रिकॉर्ड की विस्तार, निष्पक्ष और गहराई से जांच की जाए। याचिकाकर्ता ने सौरव दास के खिलाफ जरुरी कार्रवाई करने के साथ-साथ उनके पासपोर्ट और आधार कार्ड को भी रद्द करने के निर्देश देने की मांग रखी है। याचिका में इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से सौरव दास के इंस्टाग्राम और एक्स अकाउंट को ब्लॉक करने और उनको न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीशों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियां करने से भी रोकने की मांग की है।
छह हफ्ते बाद होगी इस मामले की सुनवाई
हाईकोर्ट ने अब इस मामले में संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए उनका जवाब मांगा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई छह हफ्तों के बाद होगी। अभी फिलहाल अदालत न सिर्फ नोटिस ही जारी किया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि याचिका में लगे आरोप साबित हो चुके हैं। सौरव दास की नागरिकता या फिर पहचान को लेकर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं आया है।
