नई दिल्ली: मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने पाकिस्तान का दौरा किया। पाकिस्तान के साथ बढ़ती हुई नजदीकियों के कारण उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं। ऐसे में पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद सहित विपक्ष के नेताओं ने चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा है कि इस्लामाबाद की ओर मुइज्जू का यह झुकाव मालदीव के सबसे करीबी पड़ोसी भारत के साथ संबंधों में तनाव पैदा हो सकता है।
बता दें कि किसी मालदीवियन राष्ट्रपति की यह 11 सालों में पाकिस्तान की पहली यात्रा है। इससे माले की विदेश नीति पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। विपक्ष के नेताओं ने इस पर सवाल भी उठाया है कि क्या मुइज्जू देश की सुरक्षा और भारत के साथ लंबे समय से चल रही साझेदारी में खतरा डाल रहे हैं।
पूर्व राष्ट्रपति पर लगे गंभीर आरोप
वहीं मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष नशीद ने मुइज्जू पर यह आरोप लगाया है कि वो मालदीव को भारत और पाकिस्तान के बीच में लंबे समय से चल रहे तनाव में लापरवाही से घसीट कर ला रहे हैं। मालदीव के रिपोर्ट् के अनुसार नशीद ने यह कहा है कि छोटे देशों खासतौर पर मालदीव के सामने कई गंभीर जोखिम हैं। इसके बाद भी राष्ट्रपति मुइज्जू ने बिना ठीक से समझे हुए पाकिस्तान का दौरा किया। इस बार फिर मालदीव को भारत और पाकिस्तान के बीच के विवाद के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है। पूर्व राष्ट्रपति की यह चेतावनी बहुत ही सख्त थी। उन्होंने कहा कि – यदि भारत को लगता है कि उसकी सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है तो इसके मालदीव के लिए बहुत बुरी नतीजे होंगे।
पाकिस्तान यात्रा पर उठे सवाल
वहीं मालदीव के बाकी विपक्षी नेताओं ने मुइज्जू की पाकिस्तान यात्रा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसकी आलोचना की है। मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने यह आरोप लगाया है कि मुइज्जू फिर से वैसा ही भारत-विरोधी अभियान शुरु करेंगे जैसा उन्होंने 2023 में किया था। वहीं पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने इस यात्रा के दौरान पाकिस्तान की ओर से मुइज्जू को मानद डॉक्टरेट देने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं। मुइज्जू ने 20 से 22 अक्टूबर तक पाकिस्तान का दौरा किया था। यह दोनों देशों के बीच में डिप्लोमैटिक रिश्तों की 60वीं सालगिरह के मौके पर हुआ और इसमें हेल्थकेयर और एजुकेशन से लेकर ट्रेड, एग्रीकल्चर, साइबर सिक्योरिटी, डिफेंस और मैरीटाइम सिक्योरिटी जैसे सेक्टर्स कवर करने वाले 20 मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग हुए।
