पडरौनाः कुशीनगर के पडरौना में रोडवेज बस बेकाबू हो गई। पडरौना से रविंद्र नगर धूस तक कई जगहों पर राहगीरों को टक्कर मारी। हादसे में 22 वर्षीय युवती की मौके पर मौत हो गई, जो कि स्टाफ नर्स थी। वहीं इस हादसे में 18 लोग घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार बेकाबू रोडवेज बस ने कई वाहनों को टक्कर मारते हुए अफरा-तफरी मचा दी। गायत्री मंदिर के पास टेंपो में टक्कर के बाद भी चालक ने बस नहीं रोकी। बड़ी गंडक नहर पुल के पास ई-रिक्शा को ठोकर मारते हुए बस बैरिकेडिंग तोड़कर रविंद्रनगर धूस थाने तक पहुंच गई। हादसे में स्टाफ नर्स की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गायत्री मंदिर के पास टेंपो में टक्कर मारने के बाद भी चालक ने बस नहीं रोकी, बल्कि रफ्तार और बढ़ा दी।
इसके बाद सड़क पर अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। बस रास्ते में वाहनों को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ती रही। बड़ी गंडक नहर पुल के पास ई-रिक्शा को भी ठोकर मारी। इसके बाद पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए बस रविंद्र नगर धूस थाने तक पहुंच गई। रोडवेज बस शहर के बस स्टेशन से बिना सवारी बैठाए निकली थी। कुछ दूर आगे बढ़ने पर बड़ी गंडक नहर के पास ई-रिक्शा में ठोकर मारा। इसके बाद आगे बढ़ी तो गायत्री मंदिर के पास टेंपो से टक्कर हो गई। हादसे के बाद चालक के बस रोकने की उम्मीद कर रहे लोगों को उस समय हैरानी हुई, जब बस की गति और तेज हो गई। सड़क पर जो भी वाहन सामने आया, उसके सवारों की जान खतरे में पड़ गई। बस की चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए।
हादसे के बाद घटनास्थल से लेकर मेडिकल कॉलेज तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। बस की अनियंत्रित रफ्तार से बचने के लिए लोग सड़क किनारे भागते रहे। कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और घायलों की चीख-पुकार से सड़क पर दहशत फैल गई। बड़ी गंडक नहर पुल के पास ई-रिक्शा में टक्कर के बाद भी बस नहीं रुकी। आगे बढ़ते हुए उसने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और मेडिकल कॉलेज परिसर तक पहुंच गई। इस दौरान बस को रोकने की कोशिश और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की आपाधापी के बीच वहां भी अफरातफरी मची रही। हादसे में कुल 18 लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें एक स्टाफ नर्स की मौत हो गई, जबकि 17 घायलों का इलाज चल रहा है। एक ही बस की चपेट में आकर इतने लोगों के घायल होने से शहर में अफरा-तफरी फैल गई। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने और उनके इलाज की व्यवस्था में लोग जुटे रहे।
