ऊना/सुशील पंडित। कांग्रेस के वोट बचाओ अभियान के प्रभारी और राजस्थान से सांसद हरीश चन्द्र मीणा ने ऊना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी ने 2024 के बाद ही कहा था कि मोदी सरकार वोट चोरी करके सत्ता में आई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के वोट चोरी अभियान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मोदी सरकार के साथ मिले हुए हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार की पूरी कार्यशैली को संदिग्ध बताया और मोदी सरकार के सत्ता में आने के नायक ज्ञानेश ही हैं। मीणा ने दिल्ली , महाराष्ट्र , बंगाल के चुनाव को वोट चोरी का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल की सीट से कटे वोट उसका प्रमाण हैं। जबकि नगर निगम चंडीगढ़ के चुनाव भी वोट चोरी का प्रमाण है लेकिन वहां हुई वीडियोग्राफी ने भाजपा की वो फेल कर दी थी। कांग्रेस सांसद ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी चुनाव में भी एनएसयुआई को धोखे से हराया गया। प्रेस भी स्वतंत्र नहीं है और देश के 36 चैनल में से 28 मोदी के अनुयायी हैं। जहां चौबीसों घंटे मोदी का ही गुणगान होता है। मीणा ने कहा कि कांग्रेस सत्ता परिवर्तन की बात करती है लेकिन हम लोकतांत्रिक रूप से वोट के माध्यम से सत्ता परिवर्तन करेंगे।
रजनी पाटिल बोली संविधान दिवस तक ज्ञानेश कुमार को हटाना कांग्रेस का लक्ष्य
हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार मोदी सरकार के नहीं बल्कि भाजपा के प्रतिनिधि हैं और ज्ञानेश का भी वही हाल होगा जो धर्मेंद प्रधान का हुआ है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की तरह मोदी सरकार को भी इस जनांदोलन के आगे झुकना पड़ेगा। रजनी पाटिल ने कहा कि वोट चोरी के विरुद्ध आंदोलन लोकतंत्र को बचाकर स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वालो को श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि दो अक्तूबर से शुरू हुआ वोट बचाओ अभियान एक नवंबर को दिल्ली में महरौली तक चलेगा और इसके बाद 25 नम्बर तक देश भर विभिन्न प्रकार की बैठकों और गतिविधियों के माध्यम से वोट चोरी के विरुद्ध जनजागरण करेंगे। रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य 26 नवंबर को संविधान दिवस तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश को हटाना है।