पंडोगा में संगोष्ठी, विद्यार्थियों को रोजगार सृजन और भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए किया प्रेरित
ऊना,सुशील पंडित: केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस पंडोगा के प्रबंधन विभाग ने स्वदेशी जागरण मंच के सहयोग से ‘नवाचार एवं उद्यमिता , मेक इन इंडिया और भारतीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की। इसमें विद्यार्थियों को नवाचार अपनाने, उद्यमशील सोच विकसित करने और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया।
नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने पर जोर
संगोष्ठी में स्वदेशी जागरण मंच के जिला पूर्णकालिक सत्यदेव शर्मा ने कहा कि नवाचार, कौशल विकास और स्वदेशी विनिर्माण देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवाओं को नए व्यावसायिक अवसरों की पहचान कर अपने विचारों को व्यावहारिक समाधानों और सफल कारोबार में बदलने का प्रयास करना चाहिए। जितेंद्र बाली ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उल्लेख करते हुए भारतीय उत्पादों को अपनाने, स्थानीय कारोबार को सहयोग देने और घरेलू उद्योगों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा रोजगार तलाशने वालों के साथ-साथ रोजगार सृजित करने वाले भी बनें।
रचनात्मकता और कौशल विकास पर मंथन
संस्थान के निदेशक विवेक परिहार ने उच्च शिक्षा में व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार और उद्यमिता के महत्व को रेखांकित किया। एचआर प्रमुख अमित जयरथ ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में व्यावसायिक कौशल, उद्योग जगत की समझ और करियर की तैयारी आवश्यक है। प्रबंधन विभागाध्यक्ष गगनदीप सिंह ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता विकसित करने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
चार विभागों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के जिला प्रचार प्रमुख पंकज सहोड़, सुरिंदर सिंह ठाकुर और इकबाल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। बीबीए, बीसीए, एमबीए और बीटेक के विद्यार्थियों तथा प्राध्यापकों ने संगोष्ठी में भाग लिया। कार्यक्रम का समन्वय सुमन और प्रिया ने किया। आयोजन में दीक्षा, रितु जसवाल, नविता, सिमरन, काजल और गुरपाल सिंह ने सहयोग दिया।
संगोष्ठी के समापन पर विद्यार्थियों से नवाचार और उद्यमिता को करियर का हिस्सा बनाने तथा भारतीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर देश के आर्थिक विकास में योगदान देने का आह्वान किया गया। केसी ग्रुप ने इस पहल के माध्यम से शिक्षा को व्यावहारिक कौशल, उद्यमशील सोच और राष्ट्रीय विकास से जोड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।
