नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से तमिलनाडु में लोगों का सफर आसान होगा, उद्योगों और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में तमिलनाडु के विकास, शहरी परिवहन, चेन्नई मेट्रो के विस्तार और केंद्र-राज्य के बीच बेहतर तालमेल के महत्व पर भी बात की।
विकास परियोजनाओं से आम लोगों को मिलेगा फायदा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज कई ऐसी परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा रहा है, जिनका काम पूरा हो चुका है। इसके साथ ही कई नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जा रही है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाना और राज्य के विकास को गति देना है। उन्होंने बताया कि कुछ परियोजनाओं से लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी, जबकि दूसरी परियोजनाएं उद्योगों और व्यापार को मजबूत करने में मदद करेंगी। जब राज्य में बेहतर परिवहन सुविधाएं और मजबूत औद्योगिक ढांचा तैयार होगा, तो इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
Works over Rs. 13,000 crore being launched in Chennai! https://t.co/76Uo9a3UaS
— Narendra Modi (@narendramodi) October 11, 2026
प्रधानमंत्री के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे तमिलनाडु में विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे खासकर युवाओं को रोजगार और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
कई मुख्यमंत्रियों के साथ काम करने का अनुभव साझा किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में तमिलनाडु के अलग-अलग मुख्यमंत्रियों के साथ काम करने के अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने राजनीतिक जीवन में कई नेताओं के साथ काम करने और संवाद करने का अवसर मिला है।
पीएम मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें एम. करुणानिधि और जे. जयललिता के साथ बातचीत करने के कई मौके मिले। वहीं, प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने जयललिता, ओ. पन्नीरसेल्वम, ई. पलानीस्वामी और एम.के. स्टालिन के साथ भी काम किया। समय के साथ सरकारें बदलती रहीं और अलग-अलग नेता सत्ता में आए, लेकिन तमिलनाडु के विकास और यहां के लोगों की सेवा करने का उनका संकल्प हमेशा एक जैसा रहा।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अब मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के साथ मिलकर तमिलनाडु के विकास की इस यात्रा को आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके इस बयान का मुख्य संदेश यह था कि राजनीतिक बदलाव के बावजूद राज्य के विकास और जनता की भलाई को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
प्रधानमंत्री के रूप में 25 साल के सफर का किया जिक्र
पीएम मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के लंबे सफर का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने देशवासियों के आशीर्वाद और प्यार से सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे किए हैं।
उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से उन्हें जनता की सेवा करने का अवसर मिलता रहा है। इसके बाद उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस लंबे सफर में लोकतंत्र और जनता के प्रति उनका विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने लोकतंत्र की दो महत्वपूर्ण ताकतों का भी उल्लेख किया। पहली ताकत देश की जनता है और दूसरी सहकारी संघवाद है।
