चंडीगढ़: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) हरियाणा ने अपनी पहली त्रैमासिक प्रदर्शन समीक्षा (क्यूपीआर) पुस्तिका जारी की है, जिसका शीर्षक ‘प्रथम त्रैमासिक समीक्षा– 2026-27’ है। क्यूपीआर की कल्पना जिला स्तर पर एनएचएम कार्यक्रम के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए एक व्यापक, संकेतक-आधारित तंत्र के रूप में की गई है।
इस पुस्तिका को प्रोग्राम मैनेजरों, मेडिकल अधिकारियों, जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों तथा एनएचएम कार्यान्वयन में शामिल अन्य सभी हितधारकों के लिए एक व्यापक और व्यावहारिक मार्गदर्शिका के रूप में संकलित किया गया है। वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियों का उपयोग करके बेसलाइन डेटा एकत्र किया गया था।
एनएचएम के मिशन निदेशक डॉ. आर.एस. ढिल्लों ने कहा कि प्रदर्शन ढांचे को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है: प्रजनन, मातृ, नवजात, शिशु और किशोर स्वास्थ्य, स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम और गैर-संचारी रोग।
डॉ. ढिल्लों ने कहा कि पहले अलग-अलग कार्यक्रम प्रभाग अपने-अपने कार्यक्रमों की निगरानी कर रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप मुख्य स्वास्थ्य सूचकांकों में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था, क्योंकि कार्यक्रमों के बीच तालमेल की कमी के कारण जो कमियां दूर की जा सकती थीं, वे अनसुनी रह जाती थीं।
एनएचएम के तहत मुख्य रूप से बजट की जिम्मेदारी संभालने वाले योजना प्रभाग को अब निगरानी, समन्वय और योजना प्रभाग का रूप दिया गया है। अब कार्यक्रम-वार मूल्यांकन अधिक संरचित, सहयोगात्मक और लक्ष्य-उन्मुख है। इसका उद्देश्य सभी एनएचएम कार्यक्रमों में कार्यक्रम निगरानी, रणनीतिक योजना, प्रदर्शन प्रबंधन, अंतर-विभागीय समन्वय और अंतर-क्षेत्रीय तालमेल के लिए एक एकीकृत तंत्र को संस्थागत बनाना है।