फिरोजपुर/नूरपुर सेठानः खाद्य सुरक्षा विभाग ने आज नूरपुर सेठान गांव में खाने-पीने की चीज़ों की क्वालिटी, सुरक्षा और एक्सपायरी की स्थिति की जांच के लिए एक विशेष निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, नियमों के अनुसार खाने-पीने की अलग-अलग चीज़ों के पाँच सैंपल लिए गए और उन्हें जांच के लिए भेजा गया। निरीक्षण के दौरान लिए गए सैंपल में मसाले, काला नमक, अदरक पाउडर, हल्दी/मिर्च पाउडर और जीरा पाउडर शामिल थे। इनकी क्वालिटी के बारे में अंतिम नतीजे सैंपल की जाँच के बाद ही पता चलेंगे।
इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान कुछ एक्सपायर हो चुकी खाने-पीने की चीज़ें भी मिलीं। इन्हें तुरंत बिक्री से हटा दिया गया और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई के लिए अलग रख दिया गया।
इस अभियान के दौरान एक दुकान का निरीक्षण किया गया। दौरे के दौरान, कुछ पैक्ड उत्पादों की मौजूदगी और उनके स्रोतों या उनसे जुड़े बिलों की जाँच की गई। विभाग ने ज़ोर दिया कि खाने-पीने की चीज़ें केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही खरीदी जानी चाहिए और उनके साथ सही बिल होने चाहिए। अगर किसी उत्पाद की असलियत या स्रोत को लेकर कोई शक होता है, तो तुरंत जाँच की जाएगी।
यह भी देखा गया कि निरीक्षण टीम के आने पर गाँव की कई दुकानें बंद हो गईं। विभाग ने कहा कि दुकानदारों को निरीक्षण से डरने के बजाय अपने कारोबार में पूरी पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए और खाने-पीने की सभी चीज़ों की खरीद के लिए सही बिल और रिकॉर्ड रखने चाहिए।
व्यापारियों से मिलावटी या नकली सामान से बचने की अपील
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभिनव कुमार ने दुकानदारों और खाने-पीने के सामान से जुड़े व्यापारियों से अपील की कि वे अनजान या अविश्वसनीय स्थानीय सप्लायरों से बिना बिल के खाने-पीने की चीज़ें न खरीदें। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीज़ें केवल मान्यता प्राप्त/अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटरों या अधिकृत थोक विक्रेताओं से ही सही रिकॉर्ड के साथ खरीदी जानी चाहिए, और हर खरीद के लिए बिल ज़रूर लेना चाहिए। अगर कोई उत्पाद नकली, घटिया क्वालिटी का या संदिग्ध पाया जाता है, तो सप्लाई चेन और ज़िम्मेदार लोगों के बारे में रिकॉर्ड की जाँच की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि त्योहारों का मौसम आ रहा है, जब खाने-पीने की चीज़ों की मांग बढ़ जाती है। इसलिए, हर कारोबारी की यह ज़िम्मेदारी है कि वह लोगों को सुरक्षित, साफ़-सुथरा और अच्छी क्वालिटी का खाना उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को परोसे जाने वाले खाने की क्वालिटी वैसी ही रखें जैसी आप घर पर अपने बच्चों को खिलाना चाहेंगे। बच्चों को चमकीले रंग वाले पापड़ से दूर रखने की अपील
फ़ूड सेफ़्टी ऑफ़िसर अभिनव कुमार ने माता-पिता से यह भी अपील की कि वे बाज़ार में मिलने वाले चमकीले रंग के पापड़ और दूसरे स्नैक्स बच्चों को देने से पहले उनकी लेबलिंग, उसमें इस्तेमाल चीज़ों (खासकर रंगों) और FSSAI के नियमों के पालन की जाँच ज़रूर करें।
माता-पिता को सलाह दी गई कि वे ऐसे प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दें जिनमें बनावटी रंग न हों या जिन पर साफ़ लेबल लगा हो, और बिना लेबल वाले या संदिग्ध प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें।
फ़ूड सेफ़्टी डिपार्टमेंट ने दुकानदारों से अपील की कि वे खाने-पीने की चीज़ों के स्टोरेज, साफ़-सफ़ाई, एक्सपायरी, लेबलिंग और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन करें।