उद्योग मंत्री हर्षवर्धन रहे मुख्यातिथि
बददी,सचिन बैंसल: प्रदेश के सबसे बडे औद्योगिक संगठन बीबीएन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का वार्षिक समारोह होटल ललित चंडीगढ़ में आयोजन किया गया। जिसमें संगठन के दर्जनों सदस्यों ने शिरकत की। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्य अतिथि के रुप में शिरकत की वहीं विशेष अतिथि के तौर पर दून के विधायक रामकुमार चौधरी ने शिरकत की। सर्वप्रथम संगठन के अध्यक्ष वाई एस गुलेरिया ने अपने एक साल के कार्यकाल की सालाना रिपोर्ट पढ़ी और यहां चलाई जा रही गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश ड़ाला। उन्होने बताया कि तीन दशकों से से बीबीएन उद्योग संघ उद्योगों की सेवा में कार्यरत एक गैर राजनीतिक संगठन है। संगठन ने हमेशा सामूहिक प्रयासों के तहत हर प्रकार के उद्योगों की समस्याओं को उठाया और बहुत से मसले हल भी करवाए हैं। उन्होने कहा कि बददी बरोटीवाला नालागढ़ के बहुत सारे मुददे अभी लंबित है जिस पर काम होना है। आधारभूत ढ़ांचे को सशक्त बनाने के लिए बहुत प्रयास अभी बाकी है। कार्यकारिणी सदस्य डा अशोक कुमार ने बीबीएन में बिगड़ती कानून व्यवस्था की ओर उद्योग मंत्री का ध्यान आकर्षीत किया।
मार्च से मिलेगी सस्ती बिजली
कार्यक्रम में पधारे उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हम चाहते हैं कि उद्योगों को राहत दें हर क्षेत्र में लेकिन वर्तमान सरकार विभिन्न कारणों से वित्तीय संकट से जूझ रही है। हालांकि हम कोशिश कर रहे हैं कि वित्तीय स्थिति सुधरे जिसमें मुख्यमंत्री के प्रयासों से सुधार भी हुआ है । केंद्र सरकार से आरडीजी बंद होने से राज्य को नुक्सान हुआ है। चौहान ने माना की विभिन्न टैक्सों व सैस की वजह से प्रदेश के कारखानों को मंहगी बिजली मिल रही है जिस पर हमारी सरकार विचार कर रही है कि राज्य के कारखानों को सस्ती बिजली मिले। यह सौगात हिमाचली कंपनियों को मार्च से मिलेगी ऐसा हमारी सरकार का वायदा है। इसके अलावा पूरे वार्षिक अधिवेशन में उद्योग मंत्री ने बीबीएन उद्योग संगठन को कोई ठोस आश्वासन व राहत प्रदान नहीं की। हालांकि उन्होने दावा किया कि मैडीकल डिवाईस पार्क नालागढ़ व बल्क ड्रग पार्क हरोली समयबद्व तरीके पर प्रारंभ जाएगें और हिमाचल में कार्यरत उद्यमियों को प्राथमिकता के आधार पर प्लाट दिए जाएंगे। महामंत्री रजनीश बिज ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा और आए हुए सभी सदस्यों का धन्यवाद किया।
उद्योग संघ ने उठाए यह मुददे
बीबीएन उद्योग संघ ने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में उद्योगों के योगदान को बनाए रखने के लिए उठाए अहम मुद्दे
उद्योग संघ की एजीएम में “राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में उद्योगों का योगदान और इसे बनाए रखने की चुनौतियां” विषय पर चर्चा के दौरान उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। जिसमें फायर एनओसी से जुड़ी समस्याएं प्रमुख थी। वाईएस गुलेरिया ने बताया कि एमएसएमई इकाइयों को फायर एनओसी जारी नहीं होने की समस्या, फायर विभाग की ओर से एनओसी के लिए कई अव्यावहारिक शर्तें है और क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य स्तर पर व्यावहारिक नियम बनाने की आवश्यकता। बिजली से सबंधित मुददों पर प्रमुख तौर पर बिजली की बढ़ती लागत ,बिजली की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता, ओवरलोड हो रहे विद्युत सब-स्टेशनों की समस्या के अलावा विद्युत ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर संघ के संरक्षक राजेंद्र गुलेरिया व शैलेष अग्रवाल ने जोर दिया।
आधारभूत ढांचे का मुददा उठा
BBNIA की साधारण सभा की बैठक में बददी बरोटीवाला नालागढ़ क्षेत्र की आंतरिक सड़कों की खराब स्थिति पर चिंता जाहिर की गई वहीं बददी में स्वच्छता, सफाई और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था में सुधार का मुददा सदस्यों ने उठाया। पिंजौर-नालागढ़ हाईवे का निर्माण जल्द पूरा करने की मांग उठी और दो दशक से निर्माणाधीन चल रही बददी-चंडीगढ़ रेल कनेक्टिविटी के कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उद्योग संघ ने बताया कि पड़ोसी क्षेत्रों की तुलना में बीबीएन में माल ढुलाई (फ्रेट) की लागत करीब 30 से 40 प्रतिशत अधिक है, जिससे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित होती है।
नई औद्योगिक नीति
बैठक में राज्य की नई औद्योगिक नीति को लेकर भी चर्चा की गई तथा उद्योगों के हितों और मौजूदा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने पर जोर दिया गया।