बददी,सचिन बैंसल: राष्ट्रभक्ति एवं मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को जागृत करने के उद्देश्य से आज सरस्वती विद्या मंदिर गुलरवाला में “एक स्वर, एक समय, एक लय—वंदे मातरम्” थीम के अंतर्गत वंदे मातरम् का सामूहिक गान कार्यक्रम आयोजित किया गया। देशभर में एक साथ वंदे मातरम् के सामूहिक गान के आह्वान के तहत विद्यालय में भी विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष डॉ संदीप सचदेवा ने बताया कि कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक सौरव राफ्टा जी तथा मुख्य अतिथि के रूप में धर्म सिंह जी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष सीता राम चौधरी जी, प्रबंध समिति के सदस्य प्रताप मोहन जी एवं प्रताप जी, विद्यालय की प्राचार्या अंजू पटियाल सहित सभी अध्यापक-अध्यापिकाएं एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रचारक सौरव राफ्टा जी ने विद्यार्थियों को वंदे मातरम् के महत्व एवं उसके भावार्थ से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल दो शब्द नहीं, बल्कि इसके प्रत्येक शब्द में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान और समर्पण का भाव निहित है। उन्होंने वंदे मातरम् के भाव एवं उसके प्रत्येक शब्द के अर्थ को विद्यार्थियों के समक्ष विस्तारपूर्वक समझाया और कहा कि नई पीढ़ी के लिए इसके मूल भाव को समझना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य अतिथि धर्म सिंह जी ने अपने संबोधन में कहा कि “वंदे मातरम्” का उच्चारण प्रत्येक भारतीय के भीतर अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना जागृत करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने में योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों एवं उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर, एक समय और एक लय में वंदे मातरम् का सामूहिक गान किया, जिससे पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम के अंत में प्रबंध समिति के अध्यक्ष सीता राम चौधरी जी ने सभी अतिथियों, प्रबंध समिति के सदस्यों, अध्यापक-अध्यापिकाओं एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, मातृभूमि के प्रति सम्मान तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक मजबूत करने का संदेश दिया।