ICFAI विवि के 200 से अधिक फार्मेसी विद्यार्थियों ने निकाली जागरूकता रैली
बददी,सचिन बैंसल: एंटीबायोटिक दवाओं के अनावश्यक और गलत इस्तेमाल से बढ़ रहे रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए द आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी, हिमाचल प्रदेश के फैकल्टी ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज की ओर से शुक्रवार को जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। विश्व फार्मासिस्ट दिवस और राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के तहत आयोजित अभियान में 200 से अधिक फार्मेसी विद्यार्थियों ने भाग लेकर लोगों को एंटीबायोटिक के जिम्मेदार और तर्कसंगत उपयोग का संदेश दिया।
रैली को सीएचसी बरोटीवाला के मुख्य फार्मेसी अधिकारी नवीन बिमल और फैकल्टी ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज की प्राचार्या डॉ. श्वेता अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विद्यार्थियों ने हाथों में जागरूकता संबंधी पोस्टर और बैनर लेकर लोगों को चिकित्सकीय सलाह के बिना एंटीबायोटिक नहीं लेने, चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवा की पूरी अवधि तक सेवन करने और दवाओं के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने का संदेश दिया।
हरिपुर और कालका रोड चौक से शुरू हुई रैली एचपीएसईबी बरोटीवाला की ओर गई। रैली के दौरान विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों के माध्यम से एंटीबायोटिक प्रतिरोध की बढ़ती चुनौती और रोगाणुरोधी दवाओं के जिम्मेदार इस्तेमाल की आवश्यकता को सरल एवं प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में फार्मासिस्टों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि सामुदायिक और अस्पताल फार्मासिस्ट अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मी के रूप में लोगों को दवाओं के उचित इस्तेमाल के बारे में जागरूक करने और तर्कसंगत औषधि उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. श्वेता अग्रवाल ने कार्यक्रम में सहयोग के लिए मुख्य फार्मेसी अधिकारी नवीन बिमल सहित विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित सरकारी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि फार्मेसी विद्यार्थियों को समुदाय के साथ सीधे जोड़कर उन्हें जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के प्रति जिम्मेदार बनाना ऐसे अभियानों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रतिभागियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए प्राथमिक उपचार और चिकित्सा दल भी मौजूद रहा।