15 दिनों में सामने आएगा सच
अमृतसर: श्री अकाल तख्त साहिब ने गंभीर आरोपों से जुड़े मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सदस्य अमरजीत सिंह चावला और श्री अकाल तख्त साहिब के एडिशनल हेड ग्रंथी मलकीत सिंह को खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया है।वहीं तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब से संबंधित हालिया विवाद और सोशल मीडिया ’पर उठ रहे विभिन्न सवालों को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए स्पष्ट किया है कि पूरे मामले में किसी भी स्तर ’पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि सच सामने लाने के लिए 4 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि मामला सामने आते ही अंदरूनी विभागीय कार्रवाई शुरू करवा दी गई थी। प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी एसजीपीसी सचिव बलविंदर सिंह काहलवां को सौंपी गई थी। मामले की संवेदीता और गंभीरता को देखते हुए अब 4 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस कमेटी में बलदेव सिंह, गुरमीत सिंह बूह, बीबी गुरिंदर कौर और गुरबख्श सिंह खालसा को शामिल किया गया है। कमेटी के कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी बलविंदर सिंह काहलवां निभाएंगे।
वहीं धामी ने अपने ’पर लगे रहे आरोपों पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से यह सवाल उठाए जा रहे थे कि एसजीपीसी अध्यक्ष इस मामले ’पर क्यों नहीं बोल रहे। उन्होंने दो मुख्य बिंदुओं ’पर स्पष्टिकरण देते हुए कहा कि महिला को वहां कौन लेकर आया, वह कहां से और किस तरह आई, इस बारे उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज किया। इसी के साथ ही उन्होंने उस आरोप को भी ‘सफेद झूठ’ करार दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि महिला ने उनसे मिलकर किसी घटना या जबरदस्ती संबंधी शिकायत की थी।
धामी ने कहा कि यदि ऐसी कोई बात उनके ध्यान में लाई गई होती तो वह चुप बैठने वालों में से नहीं होते। उन्होंने कहा कि वह संगत प्रति जवाबदेह हैं और बेबुनियाद बयानबाजी करने वालों प्रति नहीं। उन्होंने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद हर सवाल का विस्तार से प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जवाब दिया जाएगा।
हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों के अनुसार सख्त कदम उठाए गए हैं। श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पंथ से निष्कासित किए जाने के तुरंत बाद, ज्ञानी मलकीत सिंह को तत्काल प्रभाव से एडिशनल हेड ग्रंथी के पद और जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा, अमरजीत सिंह चावला की ओर से वीडियो संदेश के ज़रिए सौंपे गए इस्तीफ़े को भी तुरंत स्वीकार कर लिया गया है।
सोशल मीडिया और मीडिया संगठनों से बात करते हुए, अध्यक्ष धामी ने अपील की कि धर्म से जुड़े मामलों में धार्मिक मर्यादा और संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि केवल सनसनी फैलाने या ध्यान आकर्षित करने के लिए बेबुनियाद जानकारी नहीं फैलाई जानी चाहिए। धार्मिक पदों पर पदों पर तैनात लोगों और धर्म-प्रचारकों से भी मर्यादा और सम्मान बनाए रखने की अपील की गई। आखिर में धामी ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि वे इस मामले की पूरी तरह निष्पक्ष और कानूनी जांच करें ताकि सच सामने आ सके, किसी बेगुनाह के साथ अन्याय न हो और उस जगह की पवित्रता का उल्लंघन करने वाले दोषी बच न सकें। उन्होंने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर स्थिति की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। यह रिपोर्ट 15 दिनों में आने की उम्मीद है।