पंचकूलाः मनसा देवी काॅम्प्लेक्स (एमडीसी) सेक्टर-4 में करीब पांच साल पहले हुई दिनदहाड़े डकैती के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में आरोपी गोपाल उर्फ खन्ने, करन बहादुर और आसमान सिंह को दोषी करार देकर सात सात साल की सजा सुनाई है।, जबकि टेक बहादुर साकी उर्फ टेका को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया गया।
सरकारी वकील प्रदीप शर्मा ने बताया कि यह मामला 20 नवंबर 2021 का है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 3:55 बजे तीन नकाबपोश युवक घर में दाखिल हुए थे। आरोप है कि एक आरोपी के पास लोहे की रॉड थी, दूसरे ने स्टूल तोड़कर उसे हथियार बनाया, जबकि तीसरे आरोपी के पास चाकू था।
आरोपियों ने घर में मौजूद अनु वालिया, उनके पति और करीब एक साल के बच्चे को धमकाया और मारपीट की। इसके बाद आरोपी घर से करीब 5.50 लाख रुपये नकद, सोने के कई सेट, हीरे की अंगूठियां, पुरुषों की अन्य ज्वेलरी और डायमंड रिंग लेकर फरार हो गए। घटना के बाद घर में काम करने वाला नौकर करन बहादुर भी लापता हो गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी माना है। जबकि टेक बहादुर साकी उर्फ टेका को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
अदालत में एक अन्य मामले में भी चालान पेश न होने को लेकर आईओ को नोटिस जारी किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेट बनाम मानसी बहिया मामले में कई तारीखें बीतने के बावजूद पुलिस की ओर से चालान दाखिल नहीं किया गया, जिस पर अदालत ने संबंधित जांच अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।