टोरंटोः कनाडा में पढ़ाई के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों, खासकर पंजाब के विद्यार्थियों के लिए वित्तीय नियमों में अहम बदलाव हुआ है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) ने 1 सितंबर 2026 से स्टडी परमिट के लिए जरूरी वित्तीय क्षमता की सीमा बढ़ा दी है। अब अकेले कनाडा जाने वाले छात्र को पहले साल के रहने-खाने के खर्च के लिए कम से कम 23,448 कनाडाई डॉलर दिखाने होंगे, जो भारतीय मुद्रा में करीब 17 लाख रुपए के बराबर है। यह राशि ट्यूशन फीस और कनाडा आने-जाने के यात्रा खर्च से अलग होगी।
IRCC के मुताबिक ये नियम उन छात्रों पर लागू होगा, जो 1 सितंबर 2026 या उसके बाद स्टडी परमिट के लिए आवेदन करते हैं। 31 अगस्त, 2026 तक आवेदन करने वालों के लिए पुरानी वित्तीय सीमा लागू रहेगी। इससे पहले अकेले छात्र के लिए लिविंग एक्सपेंस की न्यूनतम राशि 22,895 कनाडाई डॉलर थी।
कनाडा सरकार के नए नियम के तहत छात्रों को सिर्फ बैंक खाते में निर्धारित लिविंग एक्सपेंस की राशि दिखाना ही पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें पहले साल की ट्यूशन फीस और कनाडा आने-जाने के परिवहन खर्च के लिए भी पर्याप्त धनराशि का प्रमाण देना होगा। IRCC स्पष्ट करता है कि 23,448 कनाडाई डॉलर की राशि में ट्यूशन और परिवहन खर्च शामिल नहीं हैं।
ये संघीय वित्तीय सीमा क्यूबेक को छोड़कर कनाडा के अन्य प्रांतों और क्षेत्रों के लिए है। क्यूबेक में पढ़ाई के लिए वित्तीय क्षमता से जुड़े नियम अलग हैं और वहां के प्रांतीय नियमों के अनुसार राशि तय होती है।
IRCC के अनुसार अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वित्तीय आवश्यकता को हर साल अपडेट किया जाता है। कनाडा सरकार ने बताया है कि यह सीमा देश में रहने की लागत से जुड़े आंकड़ों के आधार पर हर वर्ष 1 सितंबर को समायोजित की जाती है। 2024 में यह सीमा 10,000 से बढ़ाकर 20,635 कनाडाई डॉलर की गई थी और 1 सितंबर 2025 से इसे 22,895 डॉलर किया गया था। अब 2026 के लिए यह 23,448 डॉलर हो गई है।
स्टडी परमिट के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को अपनी वित्तीय क्षमता साबित करने के लिए बैंक स्टेटमेंट समेत कई दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। IRCC के मुताबिक बैंक स्टेटमेंट आम तौर पर पिछले छह महीने की वित्तीय स्थिति और धन के स्रोत को दिखाने वाला होना चाहिए। इसके अलावा शिक्षा ऋण, छात्रवृत्ति, माता-पिता या अन्य प्रायोजक की वित्तीय सहायता के दस्तावेज भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
कनाडा सरकार के अनुसार वित्तीय आवश्यकता बढ़ाने का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए उनकी पढ़ाई और रहने के दौरान पर्याप्त आर्थिक क्षमता सुनिश्चित करना है। IRCC के मौजूदा नियमों में छात्रों को आवेदन के समय यह साबित करना होता है कि उनके पास कनाडा में काम किए बिना ट्यूशन, रहने का खर्च और आने-जाने की लागत वहन करने के लिए पर्याप्त धन है।
इसलिए पंजाब समेत भारत से कनाडा जाने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अब आवेदन से पहले अपनी वित्तीय तैयारी और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करना महत्वपूर्ण होगा। केवल निर्धारित राशि दिखाने के बजाय धन के वैध स्रोत और पूरे पहले साल के खर्चों को कवर करने की क्षमता का स्पष्ट प्रमाण देना भी जरूरी है।