बदायूंः अमर ज्योति चिटफंड कंपनी के जरिए जिले में 200 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी के आरोपित और लंबे समय से फरार चल रहे कंपनी संचालक शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य को एसटीएफ नोएडा यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। आज उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के कटरा चांद खां निवासी शशिकांत मौर्य, सूर्यकांत मौर्य और उनके भाई श्रीकांत मौर्य ने बदायूं में अमर ज्योति चिटफंड कंपनी संचालित की थी। कंपनी में 200 से अधिक एजेंट लगाए गए थे। जिनके माध्यम से जिले के हजारों लोगों और सैकड़ों अधिवक्ताओं से निवेश कराया गया।
आरोप है कि कंपनी ने लोगों से 200 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि जमा कराई। रकम वापसी का समय आया तो संचालक कंपनी बंद कर फरार हो गए। इसके बाद निवेशकों ने कार्रवाई की मांग शुरू की। मामले में कोतवाली थाने में धोखाधड़ी, गबन और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए।
अब तक चार मुकदमे सामने आ चुके हैं, जबकि कंपनी से जुड़े आठ एजेंटों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मुख्य आरोपित भाई लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे। उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय की शरण भी ली थी। कोतवाली में दर्ज मुकदमों में वांछित शशिकांत और सूर्यकांत की गिरफ्तारी के लिए एक जुलाई, 2025 को डीआईजी बरेली की ओर से दोनों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। सोमवार को एसटीएफ नोएडा यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है और अग्रिम विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा।