अमृतसरः वेरका इलाके में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने नशा तस्करी से जुड़े मामलों में नामजद जतिंदरपाल सिंह सोनी के घर के अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। इस दौरान पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस के अनुसार जतिंदरपाल सिंह सोनी के खिलाफ कुल 8 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 7 मामले एनडीपीएस एक्ट के तहत हैं, जबकि एक मामला जेल संबंधी कानून की उल्लंघन का बताया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी इस समय जमानत पर है, पर पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसे नशे के कारोबार में शामिल रहने वाला आदती अपराधी बताया गया है। डीसीपी रविंदरपाल सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान की कड़ी में यह डिमोलिशन ड्राइव की गई है।
उन्होंने कहा कि जिन आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट या अन्य गंभीर धाराओं के तहत कई मामले दर्ज हैं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा संबंधित प्रॉपर्टी को लेकर पहले नोटिस जारी किया गया था और अवैध निर्माण हटाने के लिए समय भी दिया गया था। समय मिलने के बावजूद कार्रवाई न होने पर आज पुलिस की मदद से डिमोलिशन की कार्रवाई की गई। डीसीपी ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि साल 2026 के दौरान अब तक 1312 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, 2150 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 137 किलो हेरोइन के साथ 76 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की जा चुकी है।
इस दौरान पत्रकार द्वारा घर के अंदर बने जिम के बारे में सवाल किए जाने पर डीसीपी रविंदरपाल सिंह ने कहा कि प्रॉपर्टी संबंधी और भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रॉपर्टी का संबंध ड्रग मनी से सामने आता है तो उसके संबंध में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी ने बताया कि आरोपी की अन्य प्रॉपर्टीज को फ्रीज करने संबंधी कार्रवाई चल रही है और 68-F के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। हालांकि आज की कार्रवाई विशेष रूप से अवैध निर्माण को गिराने संबंधी थी। मौके पर घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी सवाल उठे। इस पर डीसीपी रविंदरपाल सिंह ने कहा कि आज के समय में लोगों द्वारा अपने घरों और दुकानों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाना आम बात है। उन्होंने कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोग कई बार इन कैमरों से पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश कर सकते हैं, पर पुलिस इस बात को ध्यान में रखकर ही कार्रवाई करती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा हर कार्रवाई कानून और नियमों के तहत की जाती है। पुलिस के पास कानून के अनुसार तलाशी और अन्य कार्रवाई करने की शक्तियां हैं। डीसीपी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने घर या गली को कवर करने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगा सकता है। शहर में दुकानदार और सरकारी संस्थानों द्वारा भी सड़कों और गलियों को कवर करने के लिए कैमरे लगाए जाते हैं। हालांकि किसी अन्य व्यक्ति की निजता भंग नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने घर की सुरक्षा के लिए कैमरा लगाना ठीक है, पर किसी और के घर के अंदर की प्राइवेसी को कैमरे से कवर करना गलत है। पुलिस और नगर निगम द्वारा की गई इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ सरकार की मुहिम के तहत एक और बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है ।