अमृतसरः उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से रोष जाहिर किया गया। पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ. राज कुमार वेरका ने कहा कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान का शुद्धिकरण किया गया। डॉ. वेरका ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई को उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा जायज ठहराया गया है।
उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर देश भर के दलित समाज में भारी रोष और गुस्सा है। डॉ. वेरका ने कहा कि कांग्रेस की ओर से भाजपा और खास तौर पर प्रधानमंत्री से माफी की मांग की गई थी। साथ ही कथित तौर पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार द्वारा कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इसी के चलते वह आज पुलिस कमिश्नर को हल्द्वानी की घटना संबंधी एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन देने पहुंचे हैं।
डॉ. वेरका ने मांग की कि मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने एट्रोसिटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस द्वारा इस मामले में बनती कार्रवाई नहीं की जाती है तो कांग्रेस की ओर से हाई कोर्ट का रुख किया जाएगा और रिट दायर की जाएगी। डॉ. राज कुमार वेरका ने भाजपा और आरएसएस पर दलितों के प्रति कथित मानसिकता के आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को नफरत के घेरे में लाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।