एंट्री गेट पर पुलिस और कांग्रेस विधायकों के बीच धक्कामुक्की
चंडीगढ़ः हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र वीरवार को हंगामे के साथ शुरू हुआ। कांग्रेस विधायक काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे। उनके हाथों में राम मंदिर चंदा चोरी और पेपर लीक से जुड़े नारे लिखी तख्तियां थीं। कांग्रेस विधायकों का दावा है कि विधानसभा के एंट्री गेट पर पुलिस के साथ विधायकों ने धक्कामुक्की की। कांग्रेस विधायक दल के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि उन्हें मारा गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया। स्पीकर हरविंद्र कल्याणा ने पहले 20 मिनट और फिर दोपहर 12:30 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
वहीं विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन में हंगामा करने के लिए कांग्रेस के कुल 8 विधायकों को सस्पेंड कर दिया गया है। दरअसल, स्पीकर ने पहले 6 विधायकों को सस्पेंड किया, जिसके बाद लगातार हंगामा करने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने सस्पेंशन का आदेश दिया। बाद में स्पीकर ने दो और विधायकों को सस्पेंड कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने इंदु राज नरवाल, विकास सहारण, देवेंद्र हंस, शकुंतला खटक, आदित्य सुरजेवाला और बलराम दांगी को नेम करने की घोषणा की। इसके बाद कांग्रेस विधायकों को मार्शल पड़कर सदन से बाहर ले जा गए।
महिला विधायक शकुंतला खटक बाहर ना जाने पर अड़ गई और इस पर को लेने आई महिला मार्शल उन्हें ले गई। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि चाहे जंतर-मंतर हो या विधानसभा मार्च, देश के हर नागरिक और जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। उनके साथ किसी भी तरह का बलप्रयोग संविधान और लोकतंत्र विरोधी है। जिस तरह पुलिस मुझे और विधायकों को धक्के मार रही थी, ऐसा लग रहा था कि सरकार ने पुलिस की वर्दी में गुंडे भेज रखे थे।