नई दिल्ली: जैसे-जैसे समय बदला है भारतीय रेलवे की ओर से कई आधुनिक ट्रेनें शुरु की गई हैं। रेलवे ने सिर्फ यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में नहीं रखा। वहीं पर्यावरण को देखते हुए भी ऐसी ट्रेनें बनाई हैं। इससे प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। ऐसे में भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को जींद से सोनीपत रुट के बीच में चलाया जाएगा। इसमें यात्रियों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है। इसके अलावा किफायती होने के साथ-साथ प्रदूषण कम करने वाली हाइड्रोजन ट्रेनों भी बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है। इन ट्रेनों को पहाड़ों पर चलाने की तैयारी की जा रही है।
रेलवे के द्वारा चलाई जाएगी 35 ट्रेनें
रेलवे की योजना एक दो नहीं सिर्फ 35 ट्रेनों को चलाने की है। इन ट्रेनों की खासियत यहां पर यह है कि ये ट्रेनें पारंपरिक ईधन की जगह अब हाइड्रोजन से चलाई जाएगी। इसके कारण से इससे धुएं की जगह पानी की भाप निकलेगी इससे पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होगा। पहाड़ी इलाकों में रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन करना आसान नहीं होगा। ऐसे में इन रुटों पर हाइड्रोजन ट्रेन एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकती है।
पहाड़ों में दौड़ेगी हाइड्रोजन ट्रेन! रेलवे की 35 ट्रेनों की तैयारी, बढ़ेगा ग्रीन रेल नेटवर्क#IndianRailways #HydrogenTrain #GreenRailways #RailwayNews pic.twitter.com/kzAodwIcLF
— Indian Railway भारतीय रेल (News Update) (@Indianrailgadi) August 20, 2026
प्रदूषण होगा कम
रेलवे अब हाइड्रोजन का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी काम कर रहा है परंतु रेलवे इसके लागत को कम करने पर भी जोर दे रहा है। खासतौर पर रेलवे प्रदूषण को कम करने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल पर खास ध्यान दे रहा है इससे प्रदूषण को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
इन पहाड़ी मार्ग पर चलेगी ट्रेनें
इसके अलावा रेलवे 8 मशहूर पहाड़ी मार्ग पर हाइड्रोजन ट्रेनें चलेगी।
. कांगड़ा घाटी रेलवे
. कालका शिमला रेलवे
. कांगड़ा शिमला रेलवे
. बिलमोरा वाघई रुट
. निलगिरी माउंटेन रेलवे
. माथेरान हिल रेलवे
. मऊ पातालपानी रुट
. मारवाड़ देवगढ़ मदारिया रुट
. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे
हाइड्रोजन ट्रेन की खासियत
इस ट्रेन की सबसे खास बात यहां पर यह है कि ट्रेन से धुआं निकलता है बल्कि पानी की भाप निकलती है। इसके अलावा डीजल इंजन के अनुसार हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन बहुत शांत होता है। इसके अलावा हाइड्रोजन टैंक को लगभग 15-20 मिनट में ही भरा जाएगा।
पहाड़ों के लिए अच्छा ऑप्शन होगा साबित
पहाड़ी इलाकों में ये ट्रेन काफी फायदेमंद रहेगी। इसके पीछे अब कई कारण हैं इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में यदि ये ट्रेन चलेगी तो वहां पर प्रदूषण कम होगा। डीजल ट्रेन से निकलने वाला धुआं और शोर पर्यावरण को नुकसान भी पहुंचेगा परंतु हाइड्रोजन ट्रेन प्रदूषण और ज्यादा शोर के चलेगा। इसके कारण ये ट्रेन पहाड़ों के लिए अच्छा ऑप्शन साबित होगा।

