नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप के खास दूत सर्जियो गोर बीते दिन जम्मू-कश्मीर पहुंचे हैं। दो दिन के दौरे पर गौर आज लेह में पहुंचे हैं। ऐसे में उनका यह दौरा रणनीतिक तौर पर काफी अहम भी माना जा रहा है। अमेरिका भारतीय सीमावर्ती इलाकों और सुरक्षा चुनौतियों को करीब से समझने में दिलचस्पी दिखा रहा है ऐसे में यह चीन के लिए एक साफ संदेश हैं। इससे पहले उन्होंने बुधवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा करके पाकिस्तान को मैसेज दिया था।
दलाई लामा से करेंगे मुलाकात
गोर अपनी लद्दाख यात्रा के दौरान लेह के शेवतसेल टीचिंग ग्राउंड में तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा से मुलाकात भी करने वाले हैं। यह मुलाकात उच्च स्तरीय बैठक के तौर पर होगी। ऐसे समय में यह बैठक हो रही है जब 91 साल के भिक्षु इस क्षेत्र में लंबे समय से प्रवास कर रहे हैं हालांकि इस बैठक का विस्तृत एजेंडा सार्वजनिक नहीं हुआ है परंतु इसे एक निजी मुलाकात के तौर पर देखा जा रहा है।
गोर और दलाई लामा की इस बैठक से सीधे तौर पर बीजिंग का ध्यान आकर्षित होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि चीन में दलाई लामा को एक राजनीतिक हस्ती के तौर पर देखा जाता है। इसके अलावा विदेशी सरकारों के साथ उनकी ऑफिशियल बातचीत का कड़ा विरोध करता है। चीन ऐसी बैठकों को अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत और चीन के बीच में चल रहा विवादित सीमा लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के काफी पास में स्थित है। ऐसे में इस मुलाकात का रणनीतिक महत्व काफी बढ़ जाता है।
चीन के खिलाफ अमेरिका का कोई भी कदम अभी जल्दबाजी ही है पर यह यहां पर जरुर हो चुका है कि वॉशिंगटन भारत के सीमावर्ती इलाकों और सुरक्षा चुनौतियों को करीब से समझने में दिलचस्पी दिखा रहा है इसलिए गोर का यह दौरा रणनीतिक महत्व के तौर पर काफी खास है। अमेरिकी राजदूत का ये दौरा उत्तरी भारत के व्यापक प्रवास का खास हिस्सा है। बीते दिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया है। जहां पर उन्होंने पीएम उमर अब्दुल्ला और एलजी मनोज सिन्हा के साथ मुलाकात भी की। अब वो लद्दाख जाने वाले हैं।

