नई दिल्ली: ईरान की सत्ता के अंदर अब मतभेद होने शुरु हो गए हैं। इसी के बीच अब राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि इस समय देश के सुप्रीम लीडर मुज्बता खामेनेई से बात करना थोड़ा मुश्किल है। उन्होंने यह कहा है कि मौजूदा हालात के चलते उनसे सीधे बात करना भी मुश्किल होगा। मुज्बता खामेनेई हाल ही में अमेरिका और इजरायल के हमले में घायल हो गए थे। इसी हमले के बाद पश्चिम एशिया में बड़ा युद्ध शुरु हो गया था। इस युद्ध में उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की भी उसी हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद से मुज्बता खामेनेई सार्वजनिक तौर पर कहीं नजर नहीं आए।
मौजूदगी हमारी बड़ी ताकत है
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा है कि भले ही मुज्बता खामेनेई लोगों के सामने न आए परंतु ईरान की जवाबी कार्रवाई में उनकी भूमिका बहुत ही खास है। उन्होंने यह कहा है कि उनकी मौजूदगी देश के लिए बहुत बड़ी ताकत है। इससे सरकार को आगे काम करने का हौसला मिलेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, पेजेशकियन ने कहा है कि – इस समय उनसे बात करना बहुत ही मुश्किल है लेकिन किसी भी स्थिति में उनकी मौजूदगी हमारे लिए बहुत ही बड़ी ताकत है। इससे हम अपना काम जारी रखेंगे।ट
पिता के अंतिम संस्कार में नहीं गए मुजब्ता खामेनेई
बता दें कि मुज्बता खामेनेई ने अभी तक सिर्फ लिखित बयान ही जारी किए हैं। अमेरिका और ईरान में चल रहे तनाव के बीच में उनका सार्वजनिक तौर पर भी कोई बयान सामने नहीं आया है। इससे सरकार के दूसरे बड़े नेताओं के साथ उनके रिश्तों को लेकर भी कई सारे अटकलें लगाई जा रही हैं। खास बात यहां पर यह है कि पिछले महीने अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी नजर नहीं आए थे। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अब इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया है और मुजब्ता खामेनेई का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि उनकी कई अच्छी मुलाकातें हुई हैं और हर बार उन्होंने बहुत शांति, समझदारी और अच्छे तरीके के साथ बातचीत की है।
राष्ट्रपति को मुज्बता खामेनेई ने दी चेतावनी
उन्होंने यह कहा है कि दुर्भाग्य से मौजूदा हालात कुछ लोगों को उनके बारे में गलत बातें फैलाने और उनकी अलग इमेज पेश करने का मौका दे रहा है। कमांडर अहमद वहीदी का समर्थन किया है। ईरान की राजनीति में अंदरुनी मतभेद चल रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया है कि मुज्बता खामेनेई ने राष्ट्रपति पेजेशकियन को आखिरी चेतावनी दे डाली है। युद्ध से जुड़े अहम फैसलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर अहमद वहीदी का भी समर्थन किया है। इजरायल के चैनल ने तेहरान के सूत्रों के जरिए यह कह दिया है कि मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति पेजेशकियन को इस्तीफा देने की किसी भी नई कोशिश से रोक दिया है। रिपोर्ट में यह कहा गया है कि इससे राष्ट्रपति का सबसे बड़ा राजनीतिक दबाव बनाने वाला हथियार ही खत्म हो गया है। रिपोर्ट् के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेशकियन पहले भी कई बार सरकार की नीतियों से असहमति जताते हुए इस्तीफे की धमकी भी दे चुके थे। मई महीने में उन्होंने औपचारिक तौर पर इस्तीफा देने की भी कोशिश की थी। उनका आरोप था कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे बड़े फैसलों से उनके प्रशासन को पूरी तरह अलग रखा जा रहा है।