अमृतसरः सचखंड श्री हरिंदर साहिब की ओर जाने वाले अमृतसर के एक पुराने पुल के नीचे बनी खाली जगह/सुरंग को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भगवान वाल्मीकि मंदिर मार्केट और घी मंडी चौक के दुकानदारों, ट्रांसपोर्टरों और इलाका निवासियों ने आरोप लगाया है कि इस जगह का कथित तौर पर चोरी करने वाले और नशा करने वाले कुछ व्यक्तियों द्वारा छिपने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सचखंड श्री हरिंदर साहिब के दर्शनों के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी और श्रद्धालु इस रास्ते से गुजरते हैं। उनका दावा है कि इलाके में मोबाइल फोन, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी होने की घटनाएं होती रहती हैं। लोगों के अनुसार, चोरी करने के बाद कुछ संदिग्ध व्यक्ति पुल के नीचे बनी खाली जगह में घुस जाते हैं, जिस कारण उनका पीछा करना मुश्किल हो जाता है।
दुकानदारों ने दावा किया कि पुल के अंदर यह खाली जगह काफी दूर तक जाती है और दूसरे छोर पर पार्किंग वाले इलाके के पास तक इसका रास्ता होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस कथित सुरंग की बनावट और इसके पूरे रास्ते संबंधी प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि आनी बाकी है। इलाके के दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी दुकानों और खड़ी गाड़ियों में से एसी की पाइपें, गैस, डीजल, बैटरियां और अन्य सामान चोरी हो चुका है। एक दुकानदार ने बताया कि पिछले कुछ महीनों के दौरान उसे हजारों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।
दुकानदारों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि कई बार संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया, लेकिन इसके बावजूद इलाके में चोरियों की घटनाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी। इस कारण उन्हें रात के समय अपनी दुकानों, गाड़ियों और सामान की रखवाली के लिए खुद पहरा देना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार प्रशासन के आगे आवाज उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई पक्का हल नहीं निकला है। उन्होंने मांग की कि पुल के नीचे बनी इस खाली जगह की प्रशासन द्वारा तुरंत जांच करवाई जाए और यदि यह जगह गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की जा रही है तो इसे सुरक्षित ढंग से बंद किया जाए।
इसके साथ ही दुकानदारों ने इलाके में पुलिस और पीसीआर की गश्त बढ़ाने, रात के समय निगरानी मजबूत करने और चोरी की घटनाओं में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इलाका निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द इस समस्या का कोई ठोस हल न निकाला तो मोहल्ला वासी इकट्ठा होकर इस खाली जगह को बंद करवाने के लिए कदम उठाएंगे। फिलहाल इन आरोपों और कथित सुरंग संबंधी पुलिस या प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। प्रशासन का पक्ष मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुल के नीचे बनी यह जगह किस उद्देश्य के लिए है और सुरक्षा के मद्देनजर इस संबंध में क्या कार्रवाई की जाएगी।