नई दिल्ली: मेटा की तकनीकी टीम की ओर से नई दिल्ली में इलेक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सीनियर अधिकारयों और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ बैठक की। इस बैठक में उनकी मेटा के एल्गोरिदम और उसके तकनीकी सिस्टम पर चर्चा हुई है। सूत्रों की मानें तो, कंपनी ने अपने एल्गोरिदमिक सिस्टम में आई कुछ खामियां को मान लिया है।
पीएम मोदी के वीडियो के बाद हुई मीटिंग
यह बैठक उस घटना के बाद हुई जब पीएम नरेंद्र मोदी के एक फेसबुक वीडियो ऑटोमेटेड मोडरेशन में गड़बड़ी आई। इसके चलते पीएम का वीडियो हटा दिया गया था। मेटा की ग्लोबल टीम की अगुवाई मुख्य ग्लोबल अफेयर्स के अधिकारी जोएल कैपलन के द्वारा की जा रही थी। उन्होंने इस मामले पर सरकार के साथ बातचीत की। कंपनी ने इसको हटाने के लिए ऑपरेशनल गलती बताया है। औपचारिक माफी मांगी और यह कहा है कि वीडियो को जल्दी रिस्टोर कर दिया गया था।
अलग हैंडलिंग प्रोटोकॉल टीम रखी जाएगी
सूत्रों की मानें तो अभी की बातचीत का मकसद मेटा का Algorithm और उससे जुड़ी हुई तकनीकी व्यवस्था रही है। इससे पहले की बैठकों में मंत्री ने मेटा से यह कहा गया था कि वह सभी चिंताओं की पहचान करें और सुधार के लिए एक कार्ययोजना सौंपी। कंपनी ने प्रमुख सार्वजनिक हस्तियों के खातों के लिए नए आंतरिक सुरक्षा उपाय और अलग हैंडलिंग प्रोटोकॉल की रुपरेखा भी रखी।
भारत के कानून का पूरी तरह करना होगा पालन
सरकार की ओर से हाई लेवल वेरिफाइड खातों को जो प्रभावित करते हैं ऐसी ऑटोमेटेड खामियों पर गहरी नाराजगी जताई है। मेटा ने यह भी बोला है कि सभी प्लेटफॉर्म्स को भारत के कानूनों का अच्छे से पालन करना होगा और तेजी के साथ सुधारात्मक कदम उठाने पड़ेंगे। इसके साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि नियमों का पालन में बार-बार चूक और एल्गोरिदम से जुड़ी खामियां भारत के आईटों कानूनों के अंतर्गत मिलने वाली कानूनी छूट और सेफ हार्बर सुरक्षा पर भी गहरा असर डालेगी।
टीम के साथ और बैठकें होगी
ऐसा माना जा रहा है कि ग्लोबल टीम आगे की बातचीत के लिए भारत में कुछ समय और रुक जाती है। आईटी सचिव की अगुवाई वाली टीम के साथ और बैठकें होने की उम्मीद है। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई है कि मुद्दों के हल होने तक बातचीत जारी रखी जाएगी। फिलहाल पूरी कवायद का फोकस मेटा के तकनीकी सिस्टम की कमियां दूर करने और भारतीय कानून के अनुसार, जरुरी सुधार लागू करने पर हो रही हैं।