पंचकूलाः सेक्टर-5 स्थित डिमोका क्लब में 24/25 मई की रात हुई कहासुनी और उसके बाद वाहनों में तोड़फोड़ के मामले में पंचकूला पुलिस की सैक्टर-5 थाना टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसीपी विक्रम नेहरा के अनुसार 25 मई को सेक्टर-5 थाना में एक शिकायत प्राप्त हुई थीं। जिसमें शिकायतकर्ता नारायण दत्त उर्फ नितीन अपने साथियों के साथ 24/25 मई की रात को सेक्टर-5 स्थित डिमोका क्लब पहुंचे थे। क्लब में भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें एंट्री नहीं दी गई, जिसके बाद वहां मौजूद बाउंसरों और युवकों के बीच कहासुनी व गाली-गलौज शुरू हो गई। बाद में दोनों पक्षों ने गाड़ियों व क्लब परिसर में तोड़फोड़ कर दी।
जांच में पाया गया कि क्लब के बाउंसरों द्वारा 2 गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, जबकि दूसरे पक्ष ने भी गुस्से में क्लब परिसर में नुकसान पहुंचाया। सैक्टर-5 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रुपेश चौधरी द्वारा दोनों पक्षों को थाना में बुलाया गया व मामले की गंभीरता को देखते हुए भविष्य में कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की। मामलें की जांच सब इंस्पेक्टर यशपाल सिंह द्वारा की जा रही है। मामले में पहले पक्ष के जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया उनमें मनीष उर्फ मनी निवासी पिंजौर जिला पंचकूला, सुखविंद्र सिंह उर्फ सुखी निवासी जिला पंचकूला, नारायण दत्त उर्फ नितीन निवासी, पिंजौर जिला पंचकूला तथा गौरव पुत्र कृष्ण निवासी पिंजौर, जिला पंचकूला शामिल हैं।
इसके अलावा दूसरे पक्ष से गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दौलत निवासी जिला मोहाली, ध्रुव निवासी जिला मोहाली तथा सिकंदर उर्फ मैंगी निवासी जिला मोहाली, पंजाब शामिल हैं। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने मामले को लेकर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कानून व्यवस्था भंग करना, हुड़दंग मचाना और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युवाओं को कानून अपने हाथ में लेने की बजाय संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचकूला पुलिस शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और भविष्य में इस प्रकार की हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
