पंचकूलाः फर्जी जमानत और जाली दस्तावेजों के सहारे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ है। माननीय न्यायलय की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अलग-अलग जिलों में फर्जी दस्तावेजों और जाली पहचान पत्रों के माध्यम से जमानत दिलाने का नेटवर्क चला रहे थे। जानकारी के अनुसार पंचकूला स्थित न्यायालय में एक आरोपी की जमानत प्रक्रिया के दौरान अदालत को संदेह हुआ जब एक व्यक्ति द्वारा पेश किए गए जमानती दस्तावेजों और उसके रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां पाई गईं। जांच के दौरान यह सामने आया कि संबंधित व्यक्ति पहले भी 16 से अधिक मामलों में जमानतदार बन चुका था, जबकि उसने अदालत में भ्रामक जानकारी दी। आधार कार्ड और अन्य रिकॉर्ड की जांच में भी दस्तावेज संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद अदालत ने तत्काल थाना सेक्टर-7 पुलिस थाना में मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए।
मामले की जांच सैक्टर-1 चौकी में तैनात जांच अधिकारी एएसआई निर्मल सिंह द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस ने 25 मई को राजेन्द्र सिंह निवासी करनाल, कृष्णा नामक महिला निवासी करनाल और आशीष कुमार निवासी पंचकूला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह कथित रूप से जाली जमानती कागजात तैयार कर अलग-अलग जिलों में लोगों की जमानत करवाने में सक्रिय था। आरोपियों के खुलासों के आधार पर करनाल से जाली मोहरों की बरामदगी, अन्य सह आरोपियों की गिरफ्तारी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए पुलिस कार्रवाई जारी है।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार यह मामला केवल फर्जी जमानत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जाली दस्तावेज, फर्जी पहचान और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर पहलुओं की भी जांच की जा रही है। आज तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है। राजेन्द्र व कृष्णा का 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है व तीसरे आरोपी आशीष कुमार को आज न्यायिक हिरासत भेज दिया गय है। फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितने मामलों में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित किया।
