पंचकूला: शहर की पुलिस की एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस बारे में थाना रायपुर रानी में दिनांद 22-11-2025 को धारा 370, 406, 420, 120-120-B, 201 IPC और धारा 24 इमिग्रेशन एक्ट 1983 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपियों संदीप कुमार निवासी पटियाला (पंजाब), पवन उर्फ पम्मी निवासी सेक्टर-3 पंचकूला तथा सतनाम सिंह निवासी पीतमपुरा (दिल्ली) ने मिलकर शिकायतकर्ता कृष्ण लाल निवासी गांव गढ़ी कोटाहा (पंचकूला) को उसके बेटे को अमेरिका भेजने का झांसा देकर कुल 35 लाख रुपये ठग लिए हैं।आरोपियों ने पहले रिश्तेदारी के नाम पर पीड़ित का विश्वास जीता और वर्क वीजा के नाम पर उसे भरोसा दिलवाया कि उसका बेटा कानूनी तरीके से अमेरिका भेज दिया जाएगा। इसके बाद आरोपियों ने बैंक ट्रांजेक्शन से बचने के लिए पूरी रकम नकद में ली।
इसके बाद आरोपिय़ों ने बैंक ट्रांजेक्शन से बचने के लिए पूरी रकम नकद में ली। पीड़ित से जमीन तक बिकवा दी गई और किस्तों में करीबन 35 लाख रुपये ले लिए गए हैं। दिसंबर 2023 में आरोपियों ने दावा किया है कि युवक का वर्क वीजा लग चुका है। उसे दिल्ली एयरपोर्ट से भेज दिया गया है परंतु बाद में सामने आया कि युवक को गैरकानूनी तरीके से डंकी रुट के जरिए विदेश भेज दिया गया है।
वहां उसे हिरासत में ले लिया गया और बाद में भारत डिपोर्ट कर दिया गया। पूरे मामले में आरोपियों ने लंबे समय तक पीड़ित को झूठे बहानों से गुमराह किया और लगातार यह कहते रहे कि उसका बेटा अमेरिका पहुंचने वाला है।
जब पीड़ित को झूठे बहानों से गुमराह किया और लगातार यह कहते रहे कि उसका बेटा अमेरिका पहुंचने वाला है। जब पीड़ित को सच्चाई का पता चला तो उसने अपने पैसे वापिस मांगे लेकिन आरोपियों ने टालमटोल किया है। शिकायत के आधार पर एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ के दौरान तीसरे आरोपी सतनाम सिंह का नाम सामने आया है। इसको बाद में गिरफ्तार किया गया है। जांच में मानव तस्करी (धारा 370 आईपीसी) के तथ्य सामने आने पर संबंधित धाराएं बढ़ाई गई। वहीं साक्ष्य मिटाने के प्रयास पर धारा 201 आईपीसी भी जोड़ी गई है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं।
उनके कब्जे से मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। इसकी तकनीकी जांच चल रही है। अब तक मामले में 14 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
इस बारे में डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने कहा कि – पंचकूला पुलिस अवैध इमिग्रेशन और मानव तस्करी जैसे अपराधों के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि विदेश भेजने के नाम पर किसी भी अनधिकृत एजेंट पर भरोसा न करें और केवल अधिकृत और सत्यापित माध्यमों से ही प्रक्रिया अपनाएं।