डेराबस्सीः अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे स्थित इंडस अस्पताल एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। 35 वर्षीय युवक दीपक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। जानकारी के मुताबिक, जीबीपी सोसाइटी निवासी दीपक को 4 अप्रैल को सीने में हल्का दर्द होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि दीपक खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल पहुंचा था और उसकी हालत सामान्य थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसके दिल में स्टेंट डाला, लेकिन इसके बाद उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
परिवार का आरोप है कि बाद में डॉक्टरों ने दिमाग में ब्लॉकेज बताकर ऑपरेशन करने का फैसला लिया, जबकि इस बारे में उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई। ऑपरेशन के बाद दीपक को होश नहीं आया और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। करीब नौ दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद 13 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों में पत्नी, पिता और भाई ने आरोप लगाया कि इलाज के नाम पर लापरवाही बरती गई और मरीज को वेंटिलेटर पर रखकर लाखों रुपये वसूले गए। उन्होंने डॉक्टर राजेश कुमार और डॉक्टर नरेश बंसल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर हंगामा किया। वहीं, इस मामले में डेराबस्सी के एसएचओ इंस्पेक्टर सुमित मोर ने बताया कि परिजनों की शिकायत मिल चुकी है। शव को कब्जे में लेकर अस्पताल में सुरक्षित रखवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सिविल सर्जन मोहाली की ओर से विशेषज्ञों का पैनल गठित किया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल 2023 में भी इसी अस्पताल पर किडनी रिप्लेसमेंट के नाम पर लाखों रुपये की कथित हेराफेरी के आरोप लगे थे। ऐसे में एक बार फिर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।