मॉस्कोः जर्मनी की सबसे बड़ी एयरलाइन समूह लुफ्थांसा में हड़ताल का ऐलान किया है। मिली जानकारी के अनुसार पायलटों ने पेंशन और कार्य स्थितियों को लेकर 2 दिन की हड़ताल की घोषणा की है। यह हड़ताल स्थानीय समयानुसार सोमवार 13 अप्रैल की रात 12:01 बजे से शुरू होकर मंगलवार 14 अप्रैल की रात 11:59 बजे तक चलेगी। पायलट यूनियन वेराइनिगंग कॉकपिट ने इस हड़ताल का आह्वान किया है।
ऐसे में पायलटों की हड़ताल के पहले दिन 700 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। यह जानकारी वेरेनिगुंग कॉकपिट यूनियन ने दी। यूनियन ने कहा है कि मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कुछ गंतव्यों की उड़ानें हड़ताल से प्रभावित नहीं होंगी। इनमें अजरबैजान, मिस्र, बहरीन, इराक, इजरायल, यमन, जॉर्डन, कतर, कुवैत, लेबनान, ओमान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इस हड़ताल से लगभग 1 लाख यात्रियों पर असर पड़ता दिखाई दे रहा है। यात्री लंबी कतारों, आखिरी समय में रीशेड्यूलिंग और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
लुफ्थांसा ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से अपनी उड़ान की स्थिति चेक करें और जब तक उड़ान कन्फर्म न हो, हवाई अड्डे पर न जाएं। जर्मन ट्रेड यूनियन वेरेनिगुंग कॉकपिट ने इससे पहले 13-14 अप्रैल को लुफ्थांसा पायलटों की तीसरी हड़ताल का आह्वान किया था। पायलटों और फ्लाइट अटेंडेंटों की हड़ताल की पहली और दूसरी लहर फरवरी और मार्च 2026 में हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप जर्मनी के प्रमुख शहरों के हवाई अड्डों पर सैकड़ों उड़ानें रद्द हो गई थीं। यूनियन के मुताबिक, ईस्टर छुट्टियों के दौरान भी हड़ताल न करने का फैसला लिया गया था, फिर भी नियोक्ता की ओर से कोई गंभीर प्रस्ताव नहीं आया। यूनियन अध्यक्ष आंद्रियास पिन्हेरो ने कहा कि कई सामूहिक सौदेबाजी विवादों में नियोक्ताओं ने समाधान पहुंचाने की कोई ठोस इच्छा नहीं दिखाई।