भिवानीः लिव-इन पार्टनरों में चल रहे केस में समझौता करवाने के मामले में रिश्वत लेने के दोष में महिला थाने की एसएचओ को विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार महिला थाना की एसएचओ कमलेश को केस में 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है और वह केस करीब 2 साल पहले दर्ज हुआ था। लिव-इन पार्टनरों में चल रहे केस में समझौता करवाने के लिए 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। एसएचओ के बाद इस केस की जांच अधिकारी मंजू को भी विजिलेंस ने हिरासत में लिया। दोनों से 7 हजार रिश्वत मामले में छानबीन की। एसएचओ द्वारा 7 हजार रुपए रिश्वत मांगने की शिकायत हिसार विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो टीम को दी।
टीम ने प्लानिंग के तहत छापेमारी की और एसएचओ को रंगेहाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। उसके पास से टीम ने 7 हजार रुपए बरामद किए हैं। भिवानी के गांव बड़ाला निवासी संदीप ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हिसार को शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया कि भिवानी के एक गांव की महिला उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थी। जिस महिला ने उसके विरुद्ध 26 अप्रैल 2024 को बीएनएस की धारा 296, 308 (2), 351, 61, 78 व 67 आइटी एक्ट के तहत महिला थाना में दर्ज करवाया था। इस केस में महिला थाना एसएचओ कमलेश ने संदीप कुमार का उक्त महिला से समझौता करवाने की एवज में 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता संदीप की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी एसएचओ कमलेश को महिला थाना भिवानी से गिरफ्तार किया गया है। केस में महिला ने अश्लील कृत्य करने, धमकी देने, आपराधिक षड्यंत्र, पीछा करने, अश्लील सामग्री वायरल करने के आरोप लगाए गए थे, जो केस महिला थाने में चल रहा था। केस में समझौता करने व रियायत देने के ऐवज में 7 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी। एसीबी इंस्पेक्टर दलबीर सिंह ने बताया सूचना मिली थी कि भिवानी महिला थाने में एसएचओ कमलेश ने सरकारी काम करने के बदले पैसों की डिमांड की थी। मंगलवार रात को छापेमारी करने के बाद एसीबी टीम एसएचओ को अपने साथ ले गई। इस दौरान एसएचओ कमलेश सिविल ड्रेस में ही नजर आई। वहीं एसीबी ने कुछ डॉक्यूमेंट भी जब्त किए हैं। फिलहाल टीम मामले की जांच कर रही है।
