नई दिल्ली: अमृतसर के तरनतारन रोड स्थित सेलिब्रेशन कॉलोनी में निवासियों ने अपनी लंबे समय से चली आ रही है। समस्याओं को लेकर एक खास बैठक की है। बैठक के दौरान लोगों ने कॉलोनाइजर, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि करीबन 13 से 15 वर्ष पहले विकसित की गई है। इस कॉलोनी में आज तक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सेलिब्रेशन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सतनाम सिंह ने बताया कि कॉलोनाइजर ने सड़कें और कुछ स्ट्रीट लाइटें लगाकर प्लॉट बेच दिए लेकिन सीवरेज व्यवस्था की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब कॉलोनी में सैंकड़ों घर बन चुके हैं। जिसके कारण सीवरेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है। गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि मजबूरी में लोगों को अपने खर्चे पर बोरिंग और गड्ढे खुदवाने पड़ रहे हैं जिससे गंदा पानी जमीन के अंदर जा रहा है। पीने के पानी के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। कॉलोनीवासियों ने कई बार पुडा स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक को शिकायतें दी लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
सतनाम सिंह ने आरोप लगाया कि कॉलोनाइजर अब एक और नई कॉलोनी विकसित करने की कोशिश कर रहा है जिसका कॉलोनीवासियों ने बहिष्कार करने का फैसला किया है। इस अवसर पर गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य गुरप्रीत सिंह ने कहा कि जब उन्होंने यहां प्लॉट खरीदे थे, तब कॉलोनाइजर ने आधुनिक गेट, बेहतर सीवरेज सिस्टम और अन्य सुविधाएं देने का वादा किया था। लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी के खाली प्लॉट गंदे पानी से भरे हुए हैं जिससे मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोग लाखों रुपये खर्च कर घर बनाने के बावजूद बदतर परिस्थितियों में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
कॉलोनीवासियों ने मांग की कि या तो कॉलोनी को नगर निगम की सीमा ने शामिल किया जाए या फिर सरकार और स्थानीय विधायक द्वारा फंड जारी कर सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई है तो डीसी कार्यालय और अन्य सरकारी दफ्तरों के बाहर बड़े स्तर पर प्रदर्शन और संघर्ष शुरु किया जाएगा। गौरतलब है कि इस संबंध में पत्रकारों ने कॉलोनाइजर का पक्ष जानने के लिए उससे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उसने फोन नहीं उठाया है।
