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Punjab: टक शॉप्स दिव्यांगों के लिए पैदा कर रही रोजगार, IAS Komal Mittal की पहल से हुआ संभव

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इस प्रयास का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देनाः डिप्टी कमिश्नर

होशियारपुरः युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें कौशल सिखाने के लिए डिस्ट्रिक्ट रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से पांच टक शॉप्स चलाई जा रही है। रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से यह पांच टक शॉप्स होशियारपुर के गवर्नमेंट कॉलेज, गवर्नमेंट आईटीआई फॉर ब्वॉय और इंस्टीट्यूट ऑफ ऑटोमोटिव एंड ड्राइविंग स्किल्स में स्थापित की गईं। यह सब युवा महिला आईएएस अधिकारी कोमल मित्तल की पहल के कारण संभव हुआ है। यह बदलाव विंग्स टू इंटेलेक्चुअली गिफ्टेड स्टार्स (WINGS) कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसे स्थानीय भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा 35 वर्षीय डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल, 2014 बैच की आईएएस अधिकारी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में शुरू किया गया है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक अंतर को दूर करना और दिव्यांग युवाओं के लिए समावेशी रोजगार के अवसर प्रदान करना है। वहीं पंजाब के होशियारपुर जिले के 12 दिव्यांग और स्पेक्ट्रम युवा पांच टक शॉप्स चला रहे हैं। प्रत्येक टक शॉप में दो दिव्यांग और स्पेक्ट्रम युवाओं को महिला सहायकों के साथ रोज़गार दिया गया। वह चाय, कॉफी, लस्सी, पेय, समोसे, सैंडविच और चिप्स जैसे विभिन्न सामान बेचते हैं। दिसंबर से जून तक इन शॉप्स ने मानदेय, वेतन, और कच्चे माल की लागत को घटाकर लगभग 10-13 लाख रुपए की बिक्री की। जिसमें से लाभ का उपयोग अतिरिक्त शॉप्स खोलने के लिए किया गया। प्रत्येक युवा को 5,000 रुपये का मासिक वेतन मिल रहा है। इस अवधि के दौरान इन शॉप्स ने लगभग 8,500 लोगों को सेवा प्रदान की है।

सरबजीत कौर जो सुनने और बोलने में असमर्थ है, को होशियारपुर के पास आईटीसी होटल के एचआर असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर के रूप में चुना गया। एक और युवा भाविल चौहान को भी चुना गया, लेकिन उसने अपने माता-पिता की चिंताओं के कारण एक टक शॉप में काम जारी रखने का फैसला किया।

डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने कहा कि हमने शैक्षिक संस्थानों में टक शॉप्स खोलने का फैसला लिया, जिससे लगभग 4,500 लोगों को अच्छा ग्राहक आधार मिलता है और कैंपस में कैंटीन की आवश्यकता पूरी होती है। इस प्रयास का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि व्यापक सामाजिक परिवर्तन के लिए मुख्य स्त्रोत के रूप में कार्य करना है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को आतिथ्य उद्योग के विशेषज्ञों के साथ मिलकर विकसित किया गया है। जिसमें ग्राहक सेवा, व्यक्तिगत और खाद्य स्वच्छता, और व्यवसाय प्रबंधन जैसी कौशल शामिल है। उन्होंने होशियारपुर के कमिश्नर के रूप में शामिल होने से पहले, युवा अधिकारी एसएएस नगर के एडीसी, अमृतसर नगर निगम के एडीसी, मुकेरियां के सब- डिविज़नल मजिस्ट्रेट के रूप में भी कार्य किया है। दूसरी तरफ होशियारपुर डिजिटल लाइब्रेरी एक व्यापक समुदाय हब के रूप में विकसित हो गई है, जो पुस्तकों के भंडार से कहीं अधिक है। वहीं एक प्रोजेक्ट किताब ऐप भी तैयार की गई है। छात्रों और निवासियों को सुविधाओं से परिचित कराने के लिए लाइब्रेरी नियमित रूप से स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के लिए भ्रमण यात्राएं आयोजित करती है। उन्होंने दावा करते कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी शिक्षा, सहयोग और समावेशिता को बढ़ावा दे रही है।

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