जालंधर, ENS: फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स द्वारा हुए बवाल को लेकर अभी भी पुलिस फोर्स तैनात है। हालांकि हाईवे खोल दिया गया है और माहौल शांत हो गया है। उपद्रवियों द्वारा जमकर एलपीयू में उत्पाद मचाया गया और दुकानों में लूटपाट की गई। इस दौरान पुलिस और मीडिया पर हमला करते हुए गाड़ियां भी तोड़ी गई। वहीं इस मामले में पुलिस द्वारा लगातार जांच की जा रही है। हालांकि तोड़फोड़ करने का आरोप इन्फ्लुएंसर मोहम्मद फरहात पर लगा है।

इंस्टाग्राम पर एक छात्रा ने वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि फरहात ने छात्रों को भड़काया और यूनिवर्सिटी के DSW (डीन स्टूडेंट वेलफेयर) कार्यालय में तोड़फोड़ करवाई। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने LPU में हुए हंगामे को लेकर रेप केस के बाद 3 और एफआईआर दर्ज की है। जिसमें, हाईवे जाम, यूनिवर्सिटी के अंदर लूटपाट-तोड़फोड़ और पुलिस की गाड़ियों में आग लगाने से जुड़े मामलों में 3 FIR दर्ज की गई हैं। हालांकि इससे पहले रविवार को सतनाम थाने में छात्रा से कथित रेप की FIR दर्ज की थी।
बता दें कि LPU में रविवार तड़के छात्रों के प्रदर्शन और परिसर में तोड़फोड़ के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों और अफवाहों को पूरी तरह झूठा, निराधार और मनगढ़ंत बताया। विश्वविद्यालय ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास नहीं करने और केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। वहीं, पंजाब की चिटकारा यूनिवर्सिटी में भी छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया है।
वहीं एलपीयू की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने जारी बयान में कहा कि विश्वविद्यालय के संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पूरी तरह झूठी, निराधार और मनगढ़ंत अफवाहें फैला रहे हैं। इससे छात्रों के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा हो रहा है और विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। विश्वविद्यालय ने कहा कि इस तरह की झूठी और भ्रामक सूचनाओं को व्यवस्थित तरीके से प्रसारित किया जाना विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और उसकी छवि खराब करने का सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रसारित की जा रही अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है।