शिमलाः हिमाचल के पहाड़ों पर इससे मौसम सुहावना हो गया है। देशभर से शिमला, मनाली, रोहतांग, कुफरी और नारकंडा पहुंच रहे टूरिस्ट इससे सुहावने मौसम का आनंद उठा रहे हैं। वहीं जून के दूसरे सप्ताह की शुरुआत के साथ ही शहर में समर टूरिस्ट सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है। वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला पहुंचे, जिससे न केवल होटल कारोबार में तेजी आई है बल्कि शहर की सड़कों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी भारी भीड़ देखने को मिली। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान और केरलम और अन्य राज्यों के पर्यटक भारी संख्या में घूमने के लिए आ रहे हैं। कई पर्यटकों के ग्रुपों ने जहां लिफ्ट के पास पार्किंग में गाड़ियां खड़ी करके शहर के ऐतिहासिक स्थलों का दौरा कर उसे अपने मोबाइल फोन में कैद किया।
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कई पर्यटकों ने कुफरी की मनमोहक वादियों का दीदार किया। फन वर्ल्ड स्थित पर्यटन स्थल पर जाकर विभिन्न खेल गतिविधियां भी कीं। मालरोड, रिज मैदान और स्कैंडल प्वाइंट पर्यटकों से भरा रहा। पर्यटकों के आने से होटल कारोबार पर इसका असर देखने को मिला। शहर में करीब 700 से होटल व बीएंडबी हैं, शाम तक इन होटलों की ऑक्यूपेंसी 50 फीसदी तक पहुंच गई। इस वजह से होटल संचालकों, टैक्सी ऑपरेटरों, रेस्तरां और अन्य पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिले रहे। कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर शोघी, तारादेवी, टूटीकंडी बाईपास और ढली जैसे प्रवेश बिंदुओं पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
कई स्थानों पर पर्यटकों को धीमी रफ्तार से सफर करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ीं। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह रहा तो आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि गर्मी से राहत पाने के लिए राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, कानपुर, केरलम से भारी संख्या में वीकेंड पर सैलानी घूमने आ रहे हैं। शहर में पर्यटकों के आने के बाद सड़कों पर जाम लगा रहा। वहीं चंडीगढ़ और पंचकूला से जो पर्यटक घूमने आए, वे रात के समय ही लौट गए।
मामले की जानकारी देते हुए शिमला होटलियर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने कहा कि शहर में भारी संख्या में सैलानी घूमने के लिए आ रहे हैं। रविवार को होटलों में 50 फीसदी के करीब ऑक्यूपेंसी रही। आने वाले दिनों में इसमें इजाफा होने की उम्मीद है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर परिवहन सेवाओं पर भी दिखाई दे रहा है। कालका-शिमला रेलमार्ग पर चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ गई है और कई सेवाओं में प्रतीक्षा सूची लंबी हो गई है। दिल्ली और चंडीगढ़ से शिमला आने वाली वोल्वो बसों में भी सीटें मिलना मुश्किल हो रहा है। पर्यटन सीजन के चरम की ओर बढ़ने के साथ निजी टूरिस्ट बसों और टैक्सियों की आवाजाही में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
