चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए नई योजनाएं तैयार कर रही हैं। इसके लिए प्रदेश में कार्यरत सभी गिग वर्कर्स का विशेष अभियान चलाकर रजिस्ट्रेशन किया जाए और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्देश बुधवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन 2047 के अंतर्गत श्रम विभाग के अगले 5 वर्ष के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए दिए। उन्होंने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के कल्याण तथा वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के संबंध में भी अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा व अन्य लाभ देने की घोषणा की थी। इसी प्रकार केंद्र सरकार भी गिग वर्कर्स के कल्याण की योजना बना रही है। पात्र व्यक्तियों तक समुचित लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक है कि सभी गिग वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन किया जाए, इस कार्य को जल्द पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। गिग वर्कर्स की नियुक्ति वाले सभी प्लेटफॉर्म से भी संपर्क किया जाए। गिग वर्कर्स को अन्य योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए विशेष शिविर लगाकर उनकी जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि इस समय प्रदेश में 21777 गिग वर्कर्स के रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं और बचे हुए गिग वर्कर्स के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए विभाग द्वारा संबंधित प्लेटफार्म पर कर्मचारियों को भेजकर जानकारी जुटाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग गिग वर्कर्स के रजिस्ट्रेशन तथा अन्य कामगारों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए किए जाने वाले कार्यों का पूरा कैलेंडर बनाकर दें। नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्रम विभाग के माध्यम से श्रमिकों के लिए 30 से अधिक योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं को श्रमिकों तक प्रभावशाली ढंग से पहुंचाने के लिए श्रम विभाग का संरचनात्मक पुनर्गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विभाग को अगले 5 साल तक प्रतिवर्ष किए जाने वाले कार्यों तथा विजन का पूरा ब्यौरा टाइमलाइन सहित बनाकर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके लिए सभी विभागों का संयुक्त सहयोग आवश्यक है। कृषि व घरेलू क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के श्रम का मूल्यांकन नहीं हो पाता है। कामकाजी महिलाओं को कार्य का उचित माहौल देने के लिए उनके लिए हर जिला में वर्किंग वुमैन होस्टल बनाए जाएं और उनके छोटे बच्चों के लिए क्रैच खोले जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रीन जॉब में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। सरकार का लक्ष्य अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को राष्ट्रीय औसत से ऊपर लेकर जाना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू तथा मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
