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खेलों में रुचि रखने वाले बच्चों की ग्राम स्तर पर पहचान करके उन्हें दिया जाएगा खेल का माहौल

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चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में खेलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार एक नई पहल करने जा रही है। खेलों का पावर हाऊस बन चुके हरियाणा में अब खेलों में रुचि रखने वाले बच्चों की ग्राम स्तर पर पहचान की जाएगी और बच्चे की पसंद के खेल में उसे तैयार किया जाएगा। इसके लिए पंचायत, स्कूल व खेल विभाग मिलकर संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन 2047 के अंतर्गत खेल विभाग के अगले 5 वर्ष के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी खेल परिसरों में लगे उपकरणों की समुचित जांच करवाई जाए ताकि किसी खिलाड़ी को दुर्घटना का शिकार न होना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल विभाग केवल शहरों और अपने स्टेडियम तक सीमित न रहे बल्कि खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए गांवों का रुख करे। ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी स्कूलों के परिसरों को खेलों के लिए इस्तेमाल किया जाए और यहां खेलों में रुचि रखने वाले बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया जाए। इस कार्य में पंचायत, स्कूल व खेल विभाग मिलकर कार्ययोजना बनाए। जिन बच्चों की जिन खेलों में रुचि है उन्हें उन खेलों के लिए आवश्यक माहौल व उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं तो हरियाणा में खेल के क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव हो सकता है। जो बच्चे स्कूल नहीं जाते उन्हें भी खेलों से जोड़ा जाए ताकि उन्हें नशे आदि की लत से बचाया जा सके।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि ओलंपिक-2036 के लिए अभी से दीर्घकालिक योजना बनाकर तैयारियां की जानी आवश्यक है। इसके लिए 10-12 साल के बच्चों की पहचान कर उनकी खेल रुचि को परिष्कृत करें और उनके लिए स्पेशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएं। इसके लिए क्षेत्र अनुसार व खेलों के अनुसार सूची बनाई जाए कि किस क्षेत्र में किस खेल के प्रति कितने युवाओं की रुचि है। इसके बाद संबंधित खेलों में उत्कृष्टता पाने के लिए फोकस किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल विभाग एक पोर्टल तैयार करे जहां ब्लॉक स्तर पर खेलों में भागीदारी कर रहे बच्चों का पूरा रिकॉर्ड हो। केवल विजेता खिलाड़ियों का ही नहीं बल्कि जो बच्चा अभ्यास कर रहा है और खेलों में भागीदारी कर रहा है उन सबका भी रिकॉर्ड तैयार किया जाए। खेल एसोसिएशनों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने बच्चों को खेलों में भागीदारी के लिए प्रेरित करने हेतु सभी खेल परिसरों में स्थानीय स्तर के ऐसे खिलाड़ियों के फोटो लगाने के भी निर्देश दिए जिन्होंने खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर का अवार्ड प्राप्त किया हो।

खेल विभाग के निदेशक श्री पार्थ गुप्ता ने खेल विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों तथा 2030 तक की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल प्रदेश में कोई भी स्थान ऐसा नहीं है जिसके 10 किलोमीटर के दायरे में खेल स्टेडियम न हो। उन्होंने जमीनी स्तर पर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में खेल के आधारभूत ढांचे व सुविधाओं को बढ़ाने, खेल प्रतिभाओं की पहचान करने तथा खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के संबंध में तैयार की गई कार्ययोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी भविष्य के दृष्टिकोण के आधार पर विभाग का कायाकल्प करें ताकि अंतर्राष्ट्रीय मैपिंग में हरियाणा की स्थिति अच्छे स्तर पर हो। मुख्यमंत्री ने सीएम अनाउंसमेंट के तहत दौलताबाद, गुरुग्राम में बनाए जा रहे दिव्यांग स्टेडियम की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ओलंपिक-2036 में प्राप्त की जाने वाली उपलब्धियों में इस प्रकार के आधुनिक खेल परिसरों का विशेष योगदान होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू तथा खेल विभाग के निदेशक श्री पार्थ गुप्ता सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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