शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज वेद आगम संस्कृत महापाठशाला श्री श्री गुरुकुलम, वैदिक हेरिटेज परिसर का दौरा किया। यह संस्थान वेद विज्ञान महाविद्या पीठ, आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर, बेंगलुरु में स्थित है। इस अवसर पर राज्यपाल ने गुरुकुल के विद्यार्थियों एवं विद्वानों से संवाद किया और भारत की प्राचीन वैदिक परंपराओं को संरक्षित एवं विकसित करने के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने श्री श्री रवि शंकर तथा आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की इस अद्वितीय पारंपरिक शिक्षण केंद्र की स्थापना एवं निरंतर संचालन के लिए प्रशंसा की।

कर्नाटक सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त यह महापाठशाला, कर्नाटक संस्कृत विश्वविद्यालय तथा भारत सरकार के सहयोग से संचालित की जा रही है। यह प्रतिष्ठित संस्थान वैदिक ज्ञान, आगम शास्त्र तथा संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित है। कविन्द्र गुप्ता ने गुरुकुल परिसर स्थित पवित्र सोमनाथ मंदिर में भी शीश नवाया और भगवान सोमनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने परिसर के आध्यात्मिक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि यह वैदिक शिक्षा के उद्देश्य को और अधिक सशक्त बनाता है।
राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि वेद आगम संस्कृत महापाठशाला जैसे संस्थान भारत की सनातन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा के जीवंत प्रतीक हैं। परिसर में स्थित सोमनाथ मंदिर यहां के आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक समृद्ध बनाता है, क्योंकि यहां युवा पीढ़ी को वैदिक परंपराओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि नई पीढ़ी हमारी पवित्र वैदिक संस्कृति से जुड़ रही है। ऐसे गुरुकुल हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

महापाठशाला के वरिष्ठ शिक्षकों, विद्वानों एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा राज्यपाल का स्वागत किया गया। उन्हें पाठ्यक्रम के बारे में अवगत करवाया गया, जिसमें वेद पाठन, आगम शास्त्र, संस्कृत तथा अन्य पारंपरिक विषय शामिल हैं।

