बेंगलुरुः बिहार और उत्तर प्रदेश MLC चुनाव में मतगणना के बीच कर्नाटक के नतीजों का ऐलान हो चुका है। यहां कांग्रेस को दोहरा झटका लगा है। दरअसल, पार्टी राज्य में सत्तारूढ़ होने के बाद चारों सीटों पर चुनाव हार गई। वहीं बैलेट पेपर पर आए नतीजों को लेकर विपक्ष कांग्रेस को निशाने पर ले रहा है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी और जनता दल सेक्युलर ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। खास बात है कि कांग्रेस लगातार देश में बैलेट पेपर से चुनाव करवाए जाने की मांग कर रही है।
कर्नाटक विधान परिषद सदस्य चुनाव में तीन सीटें भाजपा और एक जेडीएस को मिली हैं। भाजपा ने उत्तर पूर्व शिक्षक, दक्षिण पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक सीट पर जीत हासिल की है। तीनों ही सीटों पर कांग्रेस नेताओं को हराया है। जबकि, जेडीएस के खाते में बेंगलुरु शिक्षक सीट आई है। यहां भी पार्टी ने कांग्रेस नेता को हराया है। खास बात है कि पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के कार्यकाल में कांग्रेस और जेडीएस साथ गठबंधन की सरकार में थे।
बैलेट पेपर पर चुनाव में जेडीएस नेता एपी रंगनाथ ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस एमएलसी पुटन्ना को हराया है। एक ओर जहां रंगनाथ को 10 हजार 810 वोट मिले। जबकि, कांग्रेस प्रत्याशी पुटन्ना को महज 9 हजार 902 वोट ही मिल सके थे। वहीं भाजपा के शशिल जी नमोशी ने उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है।
उत्तर पूर्व शिक्षक सीट से भाजपा के मौजूदा विधान परिषद सदस्य शशिल जी नामोशी ने जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस नेता शरणप्पा मट्टूर को हराया है। नामोशी को 15 हजार 596 वोट मिले थे और वह 3 हजार 297 वोट के अंतर से जीते। जबकि, कांग्रेस प्रत्याशी मट्टूर के खाते में 12 हजार 299 वोट आए थे।
दक्षिण पूर्व स्नातक सीट पर भाजपा के केएम सुरेश ने कांग्रेस उम्मीदवार शशि हुलिकुंते मठ को हराया है। यहां उन्होंने 23 हजार से ज्यादा वोटों से बड़ी जीत हासिल की है। पश्चिम स्नातक क्षेत्र से कांग्रेस को मोहन लिंबिकई को 9 हजार 323 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। यहां उनका मुकाबला भाजपा एमएलसी एसवी संकनूर से था। संकनूर लंबे से बढ़त बनाए हुए थे।
अब इसे कांग्रेस के लिए दोहरा झटका माना जा सकता है। पहला तो राज्य में कांग्रेस की सरकार है, जहां लंबी कथित तनातनी के बाद मुख्यमंत्री में बदलाव हुआ है। हाल ही में यहां डीके शिवकुमार ने सीएम की जिम्मेदारी संभाली है। वहीं SIR और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध के बीच पार्टी लगातार बैलेट पेपर पर चुनाव कराने की मांग कर रही है।
अक्टूबर की शुरुआत में असम में सिलचर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। तब राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि कांग्रेस बैलेट पेपर पर भी चुनाव नहीं जीत सकती है। उन्होंने कहा था कि जब चुनाव बैलेट पेपर पर होते हैं, तब कांग्रेस और ज्यादा चुनाव हारती है।
