जालंधर, ENS: पॉश इलाके मॉडल टाउन में एक बेशकीमती इमारत को लेकर कपूर अस्पताल के संचालक डॉ. जशनीव कपूर और राजन सिद्धू के बीच विवाद काफी समय से गरमाया हुआ है। हाल ही में इस मामले को लेकर भारी संख्या में पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंची थी, लेकिन उस समय डॉक्टर जशनीव कपूर प्रॉपर्टी पर कब्जा लिए बिना मौके से चले गए थे। उन्होंने आरोप लगाए थे कि राजन सिद्धू कुछ गुंडो को लेकर बैठा था और उन्होंने अपनी जान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जा रहे है। वहीं आज दोबारा से डॉक्टर जशनीव कपूर प्रॉपर्टी का कब्जा लेने पहुंचे।
मामले की जानकारी देते हुए डॉक्टर ने कहा कि आज भी उन्हें कब्जा लिए जाने को लेकर धमकी दी जा रही थी। लेकिन आज पुलिस प्रशासन की मदद से वह अपनी प्रॉपर्टी का कब्जा ले लिया है। डॉक्टर के अनुसार आज भी 6 से 8 बाउंसर द्वारा धमकियां दी गई। इस दौरान उनके साथ महिला द्वारा हाथापाई भी की गई।
पुलिस ने दूसरे पक्ष को प्रॉपर्टी से बाहर निकालकर उन्हें कब्जा वापिस दिलाया है। डॉ. कपूर ने कहा कि है कि उन्होंने 2022 में पूरी कीमत चुकाकर रजिस्ट्री अपने नाम करवाई थी। इस प्रॉपर्टी सहित बिल और अन्य दस्तावेजों को उनके नाम होने के सारे सबूत उनके पास मौजूद है।
कपूर अस्पताल के संचालक डॉ. जशनीव कपूर ने साफ किया कि यह प्रॉपर्टी कानूनी तौर पर उनके नाम पर है। उन्होंने कहा कि वह अपनी ही प्रॉपर्टी में जा रहे थे, लेकिन उन्हें वहां मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हुआ। इसी वजह से उन्होंने पुलिस को सूचित किया। डॉक्टर ने बताया कि वह विदेश गए हुए थे। इस दौरान बाद में राजन ने उनकी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया था।
डॉ. कपूर ने अपने दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने साल 2022 में इस प्रॉपर्टी की बाकायदा रजिस्ट्री करवाई थी। वह अब तक 3 पुलिस अधिकारियों से इन दस्तावेजों की वेरिफिकेशन भी करवा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने बिल्डिंग की पूरी कीमत अदा की थी और राजन सिद्धू व उनकी पत्नी ने खुद रजिस्ट्री उनके नाम की थी। अब जब इस प्रॉपर्टी के दाम चौगुना हो चुके हैं, तो राजन सिद्धू इसे वापस हथियाने के हथकंडे अपना रहा था।
