नई दिल्लीः आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में फैसला सुनाते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पुराने अपने पुराने आदेश को बरकरार रखा। कोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिसमें 11 अगस्त के पिछले आदेशों में बदलाव करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, सभी राज्य हर शहर में एनिमल सेंटर बनाएं। शीर्ष अदालत ने डॉग लवर्स की याचिका को खारिज कर दिया है। स्कूल, कॉलेज, अस्पतालों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक जगहों से कुत्तो को हटाने के आदेश में बदलाव की मांग वाली डॉग लवर्स की अर्जियों को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया।
इसका मतलब है कि स्कूल, कॉलेज, अस्पतालों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक जगहों से कुत्तो को हटाने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश बरकरार रहेगा। जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी है और यह दिखाया है कि संबंधित अथॉरिटी की लापरवाही दिखती है। अदालत ने कहा, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों का यह दायित्व है कि लोगों के जीवन की रक्षा करें। राइट टू लाइफ की रक्षा करना राज्य और यूटी की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने कहा, “एनिमल वेलफेयर बोर्ड के SOP के खिलाफ सभी आवेदन हम खारिज कर रहे हैं।” सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल और रेलवे स्टेशन जैसे संस्थागत क्षेत्रों से सभी आवारा कुत्तों को हटाने के अपने 25 नवंबर के आदेश में संशोधन करने से इंकार कर दिया।
आवारा कुत्तों को वापस ना छोड़ने का निर्देश भी जारी रहेगा। कोर्ट ने कहा, “राज्यों को एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स का पालन करना चाहिए था। तब ऐसी स्थिति नहीं बनती।” कोर्ट ने कहा कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और इकोलॉजिकल बैलेंस का मामला है। शीर्ष अदालत ने कहा, “डॉग बाइट की समस्या चिंता में डालने वाली है। राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट की घटनाएं हुई हैं। विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है। देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं।
शीर्ष अदालत ने कहा, “ABC (Animal Birth Control) नियमों को सही तरीके से लागू करने में गंभीर लापरवाही हुई है, जिसकी वजह से समस्या बढ़ी। हमारे 7 नवंबर, 2025 आदेश का राज्यों ने सही पालन नहीं किया। आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार हो रही हैं।” कोर्ट ने कहा, “राजस्थान के श्री गंगानगर में केवल एक महीने में 1084 लोगों को कुत्तों ने काटा। छोटे बच्चों को बहुत गंभीर चोटें आईं। तमिलनाडु में पिछले चार महीनों में लगभग 2 लाख डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हमें हवाई अड्डों, रिहायशी इलाकों, शहरी केंद्रों आदि में कुत्तों के काटने की घटनाओं से अवगत कराया गया है। देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों (IGI) पर बार-बार कुत्तों के काटने की घटनाएं होना ही गंभीर अक्षमता को दर्शाता है।”
