नई दिल्ली: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो ने रविवार को कहा कि भारत एक ऐसा देश है जो नई-नई चीजें बनाने और सोचने में आगे हैं। यह बात उन्होंने नीस शहर में हुए भारत इनोवेट्स इवेंट में कही। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। यह इवेंट फ्रांस के नीस शहर में हुआ है। पीएम मोदी इस समय फ्रांस के दौरे पर हैं। वो शनिवार को नीस पहुंचे थे। यह उनका एक हफ्ते लंबा विदेश दौरा है जिसमें वो स्लोवाकिया भी जाएंगे। दो दिनों के लिए। इसके अलावा जी-7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे।
भारत इनोवेट्स इवेंट क्या है?
यह भारत सरकार का एक खास आयोजन है। इसका मकसद है कि भारत की नई और बड़ी सोच वाली कंपनियां जो नई तकनीक पर काम करती है। उन्हें दुनिया के सामने आया है। इस इवेंट में भारत, फ्रांस और दूसरे देशों की बड़ी-बड़ी स्टार्टअप कंपनियां और पैसा लगाने वाले लोग शामिल हुए है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रो ने मिलकर इस इवेंट का उद्घाटन किया है।
मैक्रो ने कही ये बातें
मैक्रो ने इवेंट में तीन बड़ी बातें कही कि पहली बात उन्होंने कहा कि भारत इनोवेशन यानी नई चीजें सोचने और बनाने का देश है। यह एक तरह की तारीफ थी जो उन्होंने भारत को दी है। उन्होंने कहा कि फ्रांस, भारत की मेक इन इंडिया योजना की इज्जत करता है। फ्रांस कई क्षेत्रों में इस योजना का हिस्सा रहा है। फ्रांस की कंपनियां भारत में आकर चीजें बना रही है और इसमें वो खुश हैं। भारत और फ्रांस दो बहुत जरुरी क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। एक है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी की कंप्यूटर और मशीनों को इंसानों जैसा सोचने लायक बनाने की तकनीक और दूसरा है जलवायु परिवर्तन यानी की धरती के बदलते मौसम और पर्यावरण को बचाने की कोशिश है।
परमाणु ऊर्जा पर भी बात हुई
राष्ट्रपति मैको ने एक और अहम बात कही है। उन्होंने कहा कि दोनों देश परमाणु ऊर्जा यानी की न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में भी मिलकर काम करने की गुंजाइश देख रहे हैं। खासतौर पर स्मॉल मॉड्यूल्र रिएक्टर नाम की एक नई तकनीक में जो छोटे आकार के परमाणु बिजली घर बनाने से जुड़ी है। यह तकनीक अभी दुनिया में नई है और इसमें भारत और फ्रांस मिलकर आगे बढ़ना चाहते है।
पीएम मोदी का पूरा दौरा
पीएम मोदी शनिवार को फ्रांस के नीस शहर पहुंचे हैं। यहां उनका कार्यक्रम दो हिस्सों में है। पहला राष्ट्रपति मैक्रो के साथ अलग बातचीत होगी जिसमें दोनों देशों के रिश्तों पर चर्चा होगी। दूसरा वो जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे जहां दुनिया के बड़े और ताकतवर देश एक साथ बैठकर जरुरी मुद्दों पर बात करते हैं। इसके बाद वो स्लोवाकिया जाएंगे दो दिनों के लिए। कुल मिलाकर एक हफ्ते का लंबा विदेश दौरा है।
